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राजसमंद में मार्बल पर बढ़ी हुई रायल्टी की दरें वापस कम करने को लेकर मार्बल ट्रेड एसोसिएशन ने दी चेतावनी, दरें कम नही हुई तो खदान से नही खरीदेंगे मार्बल ओर न ही गैंगसा पर कटिंग कराएंगे।
राजसमंद में राज्य सरकार की ओर से मार्बल रॉयल्टी दरें बढ़ाने का व्यापारी विरोध कर रहे हैं। रविवार को मार्बल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि मार्बल पर रॉयल्टी की बढ़ी हुई दरें वापस नहीं ली तो मार्बल ट्रेडर्स एसोसिएशन के व्यापारी खदान से मार्
मार्बल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद सनाढ्य ने रविवार को मार्बल व्यापार को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा- हाल ही राज्य सरकार द्वारा मार्बल की रॉयल्टी की दरें बढ़ाई गई हैं। इससे यहां के मार्बल व्यापार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
पूर्व में मार्बल पर 320 रुपए रायल्टी व 40 रुपए डीएमएफटी फंड की राशि मिलाकर 360 रुपए प्रतिटन के हिसाब से रॉयल्टी ली जा रही थी। जो अब सरकार ने 80 रूपए बढ़ाकर 400 रुपए कर दी है। डीएमएफटी फंड 40 रुपए से बढ़ाकर कर 50 रुपए कर दिया है। अब व्यापारी को खदान से मार्बल खरीदते समय प्रतिटन के हिसाब से 450 रुपए देने पड़ रहे हैं। इससे पहले से मंदी की मार झेल रहा मार्बल व्यापार खत्म होने के कगार पर आ जाएगा।
कोस्टिंग से ज्यादा रॉयल्टी बर्दाश्त नहीं
सनाढ्य ने कहा- आज खदान से 450 रुपए प्रतिटन से भी कम रेट का मार्बल खरीद सकते हैं, लेकिन रॉयल्टी उससे भी अधिक है। रॉयल्टी की दर बढ़ने के बाद अब कोस्टिंग से ज्यादा रॉयल्टी लग रही है, यह बर्दाश्त नहीं। रॉयल्टी की दरें बढ़ने के विरोध में 10 दिन से खदान मालिकों ने मार्बल का डिस्पैच बंद कर रखा है।
वहीं अब मार्बल ट्रेडर्स एसोसिएशन का कड़ा रुख सामने आया। उन्होंनें कहा कि रॉयल्टी की बढ़ी हुई दरें पूरी वापस ली जाएं, बीच का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
उन्होंने बताया- विगत 10 दिनों में राज्य सरकार को मार्बल खदानें बंद रहने के कारण करीब करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि हो चुकी है। क्षेत्र में 5 हजार के करीब मार्बल ट्रेडर्स ओर सप्लायर्स हैं। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद सनाढ्य, संरक्षक प्रकाश रांका, महामंत्री सुशील बड़ाला, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र बाफना, संगठन मंत्री संजय सांगानेरिया, मीडिया प्रभारी लक्ष्मी लाल इनाणी सहित पदाधिकारी मौजूद थे ।
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