पाली के सिरेघाट पर ठाकुरजी की प्रतिमा को सरोवर स्नान करवाने के लिए लाते हुए भक्त।
पाली में बुधवार शाम को देवझूलनी एकादशी (जलझूलनी एकादशी) पर शहर में शोभायात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में लोग पानी दरवाजा के सिरेघाट पहुंचे।
बरसात के बीच भीगते हुए विभिन्न समाजों के लोग हाथी-घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, राधे-कृष्णा, गोपाल-कृष्णा जैसे जैकारे लगाते हुए ठाकुरजी की प्रतिमा को लेकर पहुंचे।
सिरे घाट में स्नान करवाने की परम्परा निभाई। इस दौरान महिलाएं-बच्चे रेवाड़ी के नीचे से निकलते नजर आए। कई जने रेवाड़ी पर केले आदि फल चढ़ाते नजर आए। मान्यता हैं कि रेवाड़ी के नीचे से गुजरने से बीमार नहीं पड़ते।

शोभायात्रा के दौरान एक बच्चा भगवान कृष्ण बनकर पहुंचा।

इस शोभायात्रा में लोग रथ के नीचे से निकलते हुए नजर आए।
शाम करीब चार बजे से विभिन्न समाजों की रेवाडिय़ा गाजे-बाजे के साथ सिरेघाट पहुंची शुरू हुई। जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में यहां शहरवासियों की भीड़ रही। ठाकुरजी की प्रतिमा को सिरेघाट में स्नान करवाने के बाद सरोवर जल का पूजन भी किया गया।
यहां महिलाओं की टोलियां भजन-कीर्तन करती नजर आई। इस दौरान कई उत्साहित महिलाएं भाव-विभोर होकर डांस करती नजर आई। तो कई महिला-पुरुष ठाकुरजी के जैकारे लगाते नजर आई। बरसात के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा था।

पाली के चोटिला गांव में ठाकुर जी की सवारी निकालते हुए ग्रामीण।
इन समाजों की रेवाड़ी पहुंची सिरेघाट ब्रह्माण स्वर्णकार समाज, सैन समाज, अग्रवाल समाज, घांची समाज भलावतों का बास, पाली, पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज, कुमावत समाज, माहेश्वरी समाज, माली समाज, जांगिड़ समाज, पालीवाल ब्राह्मण समाज, घांची समाज सूरजपोल सहित कई समाजों के लोग ठाकुरजी की रेवाड़ी लेकर सिरेघाट पहुंचे और परम्परागत रूप से ठाकुरजी की प्रतिमा को सरोवर स्नान करवाया।
फोटो में देखे देवझूलनी एकादशी का उत्साह











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