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प्रदेश का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी जिस शिक्षा विभाग के पास है उसका गणित ही गड़बड़ा गया है। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कहा था कि परीक्षा में सत्रांक में पूरे नंबर पाने वाले बच्चों के 80 में से 40 अंक से कम आए तो शिक्षक पर का
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसमें अपना अलग सूत्र लगाया और आदेश निकाला कि सत्रांक के अलावा बच्चे को 80 में से 40% से कम अंक आए तो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। यानी 32 नंबर से कम आए तो ही शिक्षक कार्रवाई के दायरे में आएंगे। यानी अधिकारियों ने 8 अंक अपनी तरफ से घटा दिए। आईए देखते हैं शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने क्या कहा था और अधिकारियों ने क्या आदेश निकाला।
19 मार्च और 21 सितंबर को मंत्री बोले शिक्षक सत्रांक में छात्रों को जितने नंबर देते हैं, वो परीक्षा परिणाम में जुड़ते हैं। अब लिखित परीक्षा में बच्चों के 80 में से 40 से कम अंक आने पर अच्छे सत्रांक भेजने वाले अध्यापक से पूछताछ होगी, कड़ी कार्रवाई हो सकती है। तबादले भी इसी से तय होंगे।
13 सितंबर को निदेशक का आदेश 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा-2025 में प्रायोगिक परीक्षा व सत्रांक के अतिरिक्त लिखित परीक्षा में 40% से कम अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों की संख्या का समावेश किया जाना है। इसकी सूचना शाला दर्पण पोर्टल पर परीक्षा परिणाम टैब में अंकित की जाए।
शिक्षा मंत्री बोले- बड़े भाई की शादी हो जाती है तो छोटे का नंबर भी आता है
प्रदेश में पिछले दिनों प्रिंसिपलों के ट्रांसफर के बाद अब व्याख्याताओं और वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले भी होंगे। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने इसके संकेत देते हुए कहा कि जब बड़े भाई की शादी हो जाती है तो छोटे का नंबर भी आता है। बहुत जल्दी ही व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापकों की तबादला सूचियां भी जारी होंगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक साथ 4527 प्रिंसिपल के तबादले हुए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि व्याख्याताओं और वरिष्ठ अध्यापकों की तबादला सूचियां भी बंपर तरीके से आएंगी। सूत्रों का कहना है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
चलो शुरुआत तो हुई: मदन दिलावर “हां, मैंने 40 अंक से कम नंबर पर कार्रवाई के लिए कहा था। अगर विभाग के अधिकारियों ने इसको 40% कर दिया तो दिखवाया जाएगा, लेकिन यह अच्छी बात है कि कम अंक पर कार्रवाई की शुरुआत तो हुई।” -मदन दिलावर, शिक्षामंत्री
डोटासरा ने कहा- शिक्षा का एक शब्द नहीं “शिक्षा मंत्री है, लेकिन शिक्षा का एक भी शब्द नहीं। बस मोबाइल पकड़ो, मोबाइल पकड़ो…।” -गोविंद डोटासरा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व शिक्षा मंत्री (रविवार को सीकर में बोले थे)
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