![]()
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने के सीजन में होने वाली ऑनलाइन साइबर फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। साइबर क्रिमिनल्स टैक्स रिफंड, पैन-आधार लिंकिंग और प्रोफाइल सत्यापन जैसे- बहाने बनाकर आम जनता को निशाना बन
ठगी के आम तरीके- 1. फर्जी मैसेज और कॉल – साइबर क्रिमिनल्स फर्जी ईमेल, एसएमएस और कॉल के जरिए बताते हैं कि आपका टैक्स रिफंड रुका हुआ है या आपने गलत ITR भरा है। वे आपको एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं, जो आपको एक नकली वेबसाइट पर ले जाता है। 2. फिशिंग वेबसाइट – ये लिंक आपको आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in जैसी दिखने वाली नकली साइट पर ले जाते हैं। यहां आपसे पैन, आधार, बैंक डिटेल्स, ओटीपी और लॉगिन पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। 3. मालवेयर वाले अटैचमेंट – कुछ ई-मेल में ITR की रसीद के रूप में खतरनाक फाइलें (APK) होती हैं, जिन्हें डाउनलोड करने पर आपके फोन या कम्प्यूटर में वायरस आ सकता है। 4. सोशल मीडिया स्कैम – वॉट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया पर तत्काल रिफंड का दावा करने वाले फर्जी एसएमएस भेजे जाते हैं, जिनमें नकली लोगो या QR कोड का यूज किया जाता है।
खुद को कैसे बचाएं- 1. हमेशा रहें सतर्क – ITR से जुड़ी सेवाओं के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in का ही उपयोग करें। 2. जांच करें – किसी भी ईमेल या संदेश पर भरोसा करने से पहले, भेजने वाले के ईमेल पते की अच्छी तरह से जांच कर लें। 3. जानकारी साझा न करें – किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी, पैन नंबर, आधार नंबर, या कोई भी निजी जानकारी कभी न दें। 4. लिंक पर क्लिक न करें: अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। 5. UPI/QR कोड स्कैन न करें: किसी भी अज्ञात क्यूआर कोड या यूपीआई लिंक के जरिए रिफंड पाने की कोशिश न करें।
साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अगर आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आप साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
Related
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments