आदेश के विरोध में व्यापारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी है। पिछले तीन दिनों से मंडी में कोई कारोबार नहीं हो पा रहा।
राजस्थान सरकार ने कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों पर नया यूजर चार्ज लागू किया है। इसके तहत मंडी और उप-मंडी यार्ड में गैर-अधिसूचित कृषि उपज और खाद्य पदार्थों पर प्रति 100 रुपए के लेनदेन पर 50 पैसे का शुल्क देना होगा।
शक्कर को छोड़ अधिकतर खाद्य वस्तुएं शुल्क के दायरे में यह शुल्क दाल, चावल, आटा, मैदा, सूजी, तिलहन, खाद्य तेल, ड्राई फ्रूट्स सहित अन्य कई खाद्य उत्पादों पर लागू किया गया है। केवल शक्कर को इससे बाहर रखा गया है। मंडी यार्ड के बाहर व्यापार करने वालों को भी इस शुल्क से छूट मिलेगी।

व्यापारियों का आरोप है कि सरकार मंडी के अंदर और बाहर के व्यापार में भेदभाव कर रही है।
व्यापार तीन दिन से ठप, सरकार को करोड़ों का नुकसान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ जयपुर के अध्यक्ष रामचरण नाटाणी और महामंत्री अविनाश जैन ने बताया कि इस आदेश के विरोध में व्यापारियों का धरना तीसरे दिन भी जारी है। पिछले तीन दिनों से मंडी में कोई कारोबार नहीं हो पा रहा, जिससे सरकार को भी बड़ा राजस्व नुकसान हो रहा है। सिर्फ जयपुर मंडी की बात करें तो हर दिन लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान हुआ है। पूरे प्रदेश की मंडियों में यह नुकसान प्रतिदिन 200 से 300 करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है।
नियमों में भेदभाव का आरोप, सरकार पर मॉल्स को प्रमोट करने का आरोप व्यापारियों का आरोप है कि सरकार ने एक ही व्यापार को मंडी के अंदर और बाहर दो हिस्सों में बांटकर दो अलग नियम लागू कर दिए हैं। सह-मंत्री सतीश पापड़ीवाल के अनुसार राज्य सरकार बड़े मॉल्स और मल्टीनेशनल कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए मंडी व्यापारियों पर टैक्स का बोझ डाल रही है।
उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन व्यापारियों ने यूजर चार्ज वापस लेने की मांग करते हुए उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को ज्ञापन भी सौंपा है और चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो धरना और बंद अगली सूचना तक जारी रहेगा।
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