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डीडवाना-कुचामन जिले मकराना क्षेत्र के बोरावड़ कस्बे में शनिवार सुबह एक घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया। गणेश डूंगरी से आचार्य मोहल्ला रोड पर विष्णु अग्रवाल के प्लॉट के पीछे झाड़ियों में एक नवजात बच्चे को लावारिस हालत में मरने के लिए छोड़ दिया गया थ
मौके पर पहुंचे लोगों ने हरे रंग की बेडशीट में नवजात बच्चे को देखा, जिसके ऊपर 10 किलो का पत्थर रखा गया था। कोमल सोनी ने बच्चे को गोद में लिया और राहगीरों की मदद से तत्काल बोरावड़ राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। वहां डॉ. सुनील विश्नोई ने लेबर रूम आईसीयू में बच्चे का प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर के अनुसार, बच्चा स्वस्थ है, उसका वजन साढ़े तीन किलो है, और ऐसा प्रतीत होता है कि डिलीवरी 5-6 घंटे पहले हुई थी। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बच्चे को अजमेर के हाई सेंटर रेफर किया गया है।
सूचना मिलते ही मकराना थाना प्रभारी सुरेश सोनी और सब इंस्पेक्टर बलवीर खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। पुलिस का मानना है कि बारिश का फायदा उठाकर एक या अधिक अपराधियों ने इस कृत्य को अंजाम दिया हो। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
घटना के बाद बच्ची का हाल जानने के लिए अस्पताल में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई ग्रामीणों ने बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्ची के स्वस्थ होने के बाद उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जाएगा, जो उसकी आगे की देखभाल सुनिश्चित करेगी। घटना में महेंद्र आचार्य और कोमल सोनी की सजगता ने बच्चे की जान बचाई। कस्बे वासियों ने उनकी तत्परता और मानवता की भावना की सराहना की है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और नवजात को छोड़ने वालोंका सुराग जुटाया जा रहा है।।
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