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जोधपुर में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के पहले और दूसरे दिन संघ शताब्दी वर्ष (विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026) के महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा जारी है। तीन दिवसीय इस बैठक में संघ प्रेरित 32 संगठनों के 320
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार बैठक में पंच परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवन, स्व-आधारित रचना, नागरिक कर्तव्य पालन), राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और जनजातीय क्षेत्रों के विकास के साथ ही महिला सशक्तिकरण पर गहन मंथन हो रहा है।
इस दौरान ‘सक्षम’ संस्था के पर कार्यों हुई। इसमें सामाजिक समरसता के क्षेत्र में ‘सक्षम’ का सबसे चर्चित प्रयास रामदेवरा में आयोजित नेत्र कुंभ था। 1 अगस्त से 2 सितंबर तक 33 दिनों की अवधि में लोक देवता बाबा रामदेव के मेले के दौरान यह वृहद नेत्र सेवा शिविर लगाया गया।
नेत्र कुंभ की उपलब्धियां:
- 1,00,797 लाभार्थियों का नेत्र जांच
- 85,337 लोगों को निःशुल्क चश्मा वितरण
- 6,234 मरीजों को नेत्र ऑपरेशन के लिए चिह्नित किया गया
- देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच इसका उत्कृष्ट प्रतिसाद मिला
सीमावर्ती क्षेत्र में सक्षम का यह पहला बड़ा प्रयोग था जिसने स्थानीय समुदाय में व्यापक सामाजिक प्रभाव डाला।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
महिला समन्वय द्वारा समाज जीवन में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता विकास के कार्यक्रम शामिल हैं। राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांता अक्का और प्रमुख कार्यवाहिका ए. सीता गायत्री की मौजूदगी में महिला मुद्दों पर विस्तार से मंथन कार्य कार्ययोजना के बारे में भी चर्चा की गई।
कृषि और ग्रामीण विकास की व्यापक योजनाएं
1. सहकारिता के माध्यम से दुग्ध संघ विकास: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दुग्ध सहकारिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2. जैविक खेती को बढ़ावा: भारतीय किसान संघ द्वारा रासायनिक कृषि से हटकर जैविक पद्धति अपनाने की व्यापक योजना पर चर्चा हुई। किसानों को प्रेरित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी सहायता की योजनाएं बनाई गई हैं।
सामाजिक समस्याओं का समाधान
नशा उन्मूलन अभियान: विश्व हिंदू परिषद द्वारा समाज में व्याप्त नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर व्यापक रणनीति तैयार की गई है।
एनीमिया मुक्त भारत अभियान: भारत विकास परिषद का एनीमिया मुक्त भारत अभियान विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सुधार पर केंद्रित है।
स्वदेशी और आर्थिक आत्मनिर्भरता: स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में व्यापक जनजागरण के कार्यों की विस्तृत योजना प्रस्तुत की गई। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक पहल
बैठक स्थल पर पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया गया है:
- भोजन और जलपान में केवल धातु पात्रों का उपयोग
- रंगोली और पौधों से प्राकृतिक सजावट
- प्लास्टिक मुक्त परिसर व्यवस्था
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
परिसर में रानी अबक्का द्वार, मीराबाई और अमृता देवी बिश्नोई के बलिदान को रंगोली और चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। यह भारतीय संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को जीवंत रखने का प्रयास है।
समन्वय बैठक स्थल पर दोपहर और सायंकाल का भोजन वितरण नगर के शाखा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों द्वारा निःस्वार्थ सेवा भाव से किया जा रहा है। यह संघ की सेवा परंपरा का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
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