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कासट परिवार पिछले 30 वर्षों से नवरात्र से पहले मां की देवी स्वरूप मानकर पूजा करता है।
झालावाड़ की जवाहर कॉलोनी में कासट परिवार पिछले 30 वर्षों से एक अनूठी परंपरा निभा रहा है। यह परिवार नवरात्रि की शुरुआत अपनी जन्मदात्री मां की पूजा से करता है।
अंतरराष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषी हेमंत कासट अपनी 83 वर्षीय मां कृष्ण कांता की देवी स्वरूप में पूजा करते हैं। वे मानते हैं कि जिस मां से शरीर मिला है, उनका पूजन मंत्र सिद्धि के लिए आवश्यक है। मां की पूजा के बाद ही वे मां बगलामुखी का अनुष्ठान प्रारंभ करते हैं।
इस पवित्र परंपरा में पूरा कासट परिवार शामिल होता है। हेमंत कासट की पत्नी ऋतु कासट, उनके भाई बसंत कासट और भाभी डॉ. अलका कासट सभी इस पूजा में भाग लेते हैं।
परिवार का मानना है कि बुजुर्गों का स्थान वृद्धाश्रम नहीं, बल्कि अपना घर और परिवार है। वे समाज में यह संदेश देना चाहते हैं कि हर घर में मां को सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही वे वृद्धाश्रमों को बंद करने के लिए जागरूकता फैला रहे हैं। इस दौरान जिले में नवरात्रि पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान और गरबा नृत्य का आयोजन भी किया जा रहा है।
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