नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पूर्व सीएम के पीएसओ की गिरफ्तारी को लेकर कहा- अशोक गहलोत ने भले ही पेपर लीक नहीं किया लेकिन, सब कुछ उनकी नाक के नीचे हुआ।
कांग्रेस राज में जो सब इंस्पेक्टर भर्ती हुई थी उसमें से 500 फर्जी थानेदार हैं। वह एक-एक करके पकड़े जा रहे हैं। एसओजी भी सेटलमेंट करती है। एसओजी के दफ्तर में एक सेटलमेंट का कमरा है। जहां दो पर एक फ्री, कहीं एक के साथ एक फ्री, कहीं तीन के साथ एक फ्री का काम हो रहा है। अगर बड़े मगरमच्छ पकड़ने है तो जांच सीबीआई से करवानी होगी।
एसआई भर्ती परीक्षा की जांच को लेकर आंदोलन कर रही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल 2 दिन के नागौर दौरे पर हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस और SOG पर निशाना साधा।
‘REET पेपर की जांच होती तो कांग्रेस के बड़े नेता जेल के अंदर होते’
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यह तो जग जाहिर है कि कांग्रेस राज में हुई लगभग सभी भर्ती परीक्षाएं संदेह के घेरे में थीं। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी भी राजस्थान के युवाओं को बरगलाकर सत्ता में आई और युवाओं को भरोसा दिलाया था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो पेपर लीक की घटनाओं की जांच करवाएंगे। रीट लेवल सेकेंड का एक पेपर रद्द कर दिया गया था लेकिन अगर रीट लेवल फर्स्ट का पेपर की जांच हो जाती तो कांग्रेस के कई बड़े लीडर जेल के अंदर होते हैं।
बोले- 859 अभ्यर्थियों में से 500 फर्जी थानेदार
हनुमान बेनीवाल ने कहा- कांग्रेस राज में जो सब इंस्पेक्टर भर्ती हुई थी उसमें 859 अभ्यर्थियों में से 500 फर्जी थानेदार हैं। वह एक-एक करके पकड़े जा रहे हैं। आरपीएससी के 2 तत्कालीन मेंबर जेल के अंदर है। बीजेपी कई बड़े मगरमच्छ पकड़ने की बात कर रही है लेकिन दुर्भाग्य से बीजेपी ने एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने और आरपीएससी के पुनर्गठन की बजाय ऐसे लोगों से हाथ मिला लिया।

SOG के भी संदिग्ध अधिकारियों को निकाला
हनुमान बेनीवाल ने कहा- रीट लेवल फर्स्ट के पेपर की जांच सीबीआई से करवाते तो कांग्रेस के कई बड़े नेता जेल में होते। सबने देखा कि जल जीवन मिशन के मामले में कांग्रेस के पूर्व मंत्री महेश जोशी जेल गए। यह घटना पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पीएसओ से जुड़ी हुई है। कई लोग ऐसे भी पकड़े गए जो खुद अधिकारी थे उनके बेटे भी पकड़े गए हैं। एसओजी में कई ऐसे प्रकरण है जहां जांच में कई संदिग्ध अधिकारियों को निकाल दिया गया।
ऑफिस में सेटलमेंट का कमरा
हनुमान बेनीवाल ने कहा- एसओजी भी सेटलमेंट करती है। एसओजी के दफ्तर में एक सेटलमेंट का कमरा है। जहां दो पर एक फ्री, कहीं एक के साथ एक फ्री, कहीं तीन के साथ एक फ्री का काम हो रहा है। एसओजी यह धंधा कर रही है। एसओजी में कई ऐसे अधिकारी लगे हुए हैं जो अंदर की बातें बाहर नहीं आने देते। इसी कारण एसओजी के भी चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी उनके खिलाफ अभी जांच चल रही है। इन चार अधिकारियों ने जानबूझकर तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटरा से समय रहते पूछताछ नहीं की थी उससे पूछताछ हो जाती तो एसआई भर्ती की धांधली के सारे राज खुल जाते। एसओजी भी पूरी तरह दूध की धूल ही नहीं है।
इनके बीच गहरा लगाव
हनुमान बेनीवाल ने कहा- आज अशोक गहलोत के पीएसओ और उसके बेटे की गिरफ्तारी हुई है आरएलपी ने तो पहले ही कहा था कि इस भर्ती परीक्षा की धांधली की जड़ें बहुत गहरी हैं। पेपर लीक की घटनाओं में बहुत से लोग इन्वॉल्व हैं। मैं यह तो नहीं कह रहा हूं कि अशोक गहलोत ने खुद पेपर आउट किया या करवाया है लेकिन अशोक गहलोत की नाक के नीचे ही यह सारा काम हो रहा था। यह व्यक्ति पहले भी उनके साथ था आज भी उनके साथ है इनके बीच बहुत अच्छा लगाव है इसे कड़ाई से पूछताछ होनी चाहिए।
बड़े नाम उजागर करने की हिम्मत सीबीआई में
हनुमान बेनीवाल ने कहा- कभी किसी के नजदीकियों को पकड़ लिया जाता है तो वह बड़े लोग कहते हैं कि इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए और पूरी जांच के लिए एसआई भर्ती परीक्षा को सीबीआई को सौंप देना चाहिए। क्योंकि बड़े नाम को उजागर करने की हिम्मत सीबीआई में होती है एसओजी में नहीं।

गहलोत को ट्वीट करने का शौक
हनुमान बेनीवाल ने कहा- इन्हीं मांगों को लेकर तो आरएलपी पिछले 105 दिन से जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दे रही है, धरना आज भी जारी है। इस मामले को लेकर ऑल पार्टी मीटिंग में भी अन्य नेताओं से एक राय बनाई, ताकि इस अहम मामले पर विस्तार से चर्चा हो सके। क्योंकि पेपर लीक की घटनाएं जो राजस्थान, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल में हो रही हैं, उन पर रोकथाम की जरूरत है। मैं तो यह कहता हूं कि अशोक गहलोत को ट्वीट करने का बहुत शौक है, तो उन्हें खुद आगे आकर खुद सच्चाई उजागर करनी चाहिए।
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