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देश की लाइफ लाइन मानसून एक्सप्रेस अब रिटर्न हो रही है। मौसम विभाग ने बताया कि रविवार को पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। इस बार पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई तय समय से 3 दिन पहले हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्था
देश के अधिकांश हिस्सों से 15 अक्टूबर तक मानसून की विदाई हो जाएगी। जबकि दक्षिण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के कई हिस्सों में 15 अक्टूबर के बाद भी बारिश जारी रह सकती है। ऐसा लौटते मानसून के कारण सक्रिय भौगोलिक तंत्र के कारण होगा। पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और नगालैंड में भी 15 अक्टूबर के बाद मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बता दें कि इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून की एंट्री केरल से 24 मई को ही हो गई थी। ऐसा तय समय से पांच दिन पूर्व हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार 29 जून तक देशभर में मानसून छा गया था।
तर-ब-तर… देश में अब तक 107 फीसदी अधिक मानसून की बारिश दर्ज हुई है
देश में इस बार अब तक 107% अधिक मानसून की बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 14 सितंबर तक 790 मिमी की तुलना में 846 मिमी बारिश दर्ज की गई है। राजस्थान सहित दो राज्यों में बारिश की अधिकता दर्ज की गई है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भी वृहद अधिकता दर्ज की गई है। मप्र, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल सहित 11 में बारिश की अधिकता रही। जबकि छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र समेत 19 में सामान्य बारिश हुई है। बिहार सहित 4 राज्यों में इस बार मानसूनी वर्षा औसत से कम रही है।
आगे क्या… 10 राज्यों में अगले 4 दिन तक भारी बारिश, आंधी के आसार भी
मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 दिन तक देश के 10 राज्यों में भारी बारिश और आंधी चलने के आसार हैं। इनमें छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और केरल शामिल हैं। इन राज्यों में मानसूनी तंत्र अभी सक्रिय रहेगा। दक्षिण के राज्यों में सितंबर के पूरे महीने मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। दक्षिणी राज्यों तटवर्ती इलाकों में तेज हवाएं चलेंगी। देश के पूर्वोत्तर के राज्यों और पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में स्थानीय कारकों के चलते बारिश का दौर जारी रह सकता है।
-1 जून से 14 सितंबर तक बारिश मिमी में
जम्मू के पुंछ में रविवार को भारी बारिश के कारण अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाते स्थानीय निवासी।
खूब बरसा… राजस्थान में सामान्य से 69% अधिक बारिश
क्या होती है मानसून की विदाई: मानसून की विदाई का मतलब है कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून का लौटना और बारिश का मौसम खत्म होना। यह आमतौर पर सितंबर के मध्य से अक्टूबर के मध्य तक होता है। इस दौरान उत्तर-पश्चिम भारत से बारिश देने वाला मानसून पीछे हटने लगता है और मौसम शुष्क हो जाता है। इस प्रक्रिया में हवाएं उत्तर भारत से हटकर दक्षिण की ओर चलने लगती हैं, जिससे कई इलाकों में बारिश कम हो जाती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून के रिटर्न पैटर्न में बदलाव चिंता का विषय है।
वर्षा हुई सामान्य अंतर
झारखंड 1080 913 18%
बिहार 610 883 -31%
यूपी 653 685 -5%
उत्तराखंड 1331 1096 21%
हरियाणा 564 401 41%
दिल्ली 726 512 42%
पंजाब 617 409 51%
हिमाचल 983 686 43%
जेएंडके 699 510 37%
राजस्थान 701 416 69%
मध्यप्रदेश 1068 886 21%
गुजरात 834 660 26%
महाराष्ट्र 984 905 9%
छत्तीसगढ़ 1029 1046 -2%
केरल 1610 1880 -14%
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