भीलवाड़ा के मांडल कस्बे में 48 साल से बंद एक धर्मस्थल को लेकर फिर बयानबाजी हो रही है। मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना ने गुजरात के सूरत में गुरुवार (21 अगस्त) रात आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक स्थल को लेकर बयान दिया। इसका वीडियो शुक्रवार को सामने आया।
भड़ाना ने कहा-

मांडल कस्बे में भगवान देवनारायण का मंदिर बहुत जल्दी खुलेगा, उसके लिए मैं 100 परसेंट प्रयास कर रहा हूं। मैंने 6 महीने से अन्न छोड़ रखा है। 8 साल से पगड़ी छोड़ रखी है। अब जब तक देवनारायण भगवान का मंदिर नहीं खुल जाता, तब तक मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा चाहे 5 साल लगें या 50 साल लगें।

भड़ाना सूरत में समाज के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा- मैं अपने प्रयास 100 प्रतिशत कर रहा हूं, भगवान जब चाहेंगे, तब मंदिर खुलेगा। मैं तो केवल निमित्त मात्र हूं, करने वाले भगवान देवनारायण खुद हैं, जिस दिन उनको लगेगा की, पट खोलना चाहिए, उस दिन पट खुलेंगे।

गुजरात के सूरत में गुरुवार देर रात एक सभा को संबोधित करते हुए भड़ाना।
धर्मस्थल पर 1977 से चल रहा विवाद, थाने में है चाबी
भीलवाड़ा जिला मुख्यालय से 14 किमी दूर मांडल कस्बे में गुर्जर समाज का एक धर्मस्थल है। इस पर दावे को लेकर दो पक्षों में पुराना विवाद है। इसके कारण पुलिस का पहरा है। करीब 48 साल पहले एक समाज के लोगों ने चबूतरे पर अपने धार्मिक कार्य की अनुमति मांगी थी। उन्हें समाज ने अनुमति दी तो उन्होंने परिसर पर कब्जा कर लिया और अपना धर्म स्थल होने का दावा किया।
1977 में मामला न्यायालय पहुंचा। तब न्यायालय ने दरवाजे पर ताला जड़ने के बाद चाबी मांडल थाने में जमा करा दी, जो अभी तक थाने में जमा है।
पिछले साल 2024 में भगवान देवनारायण की 1111वीं जयंती पर धर्मस्थल से 500 मीटर दूर धार्मिक आयोजन हुआ था। इसके बाद अब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर हुए। अपील की गई थी कि 4 फरवरी 2025 को युवा मांडल पहुंचें। युवा सोशल मीडिया के चक्कर में न आएं।

धर्मस्थल पर 48 साल से पुलिस का पहरा है। ताले की चाबी मांडल थाने में जमा है।
2022 में ताला तोड़ने पर हुई थी युवक की गिरफ्तारी
बता दें कि विधायक उदयलाल भड़ाना धर्मस्थल से जुड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष भी हैं। इसके बाद भड़ाना ने युवाओं से हाथ जोड़कर अपील की थी कि वे सोशल मीडिया से भ्रमित न हों। 4 फरवरी को मांडल न आएं। धर्मस्थल खुलवाने के लिए मैंने और कई लोगों ने बड़ा संघर्ष किया है। पहले भी कई आंदोलन हुए हैं।
तब भड़ाना ने कहा था कि इस धर्मस्थल को संवैधानिक और कानून के दायरे में रहकर खुलवाएंगे।
तीन साल पहले 11 मार्च 2022 को गोपाल नाम के एक युवक ने धर्मस्थल का ताला तोड़ दिया था। युवक ने वीडियो भी बनाया था। इस पर दूसरे पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने गोपाल को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल धर्म स्थल पर पुलिस की मौजूदगी रहती है।
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