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भक्त शिरोमणि मीराबाई की भक्ति और स्मृति को समर्पित मीरा महोत्सव इस बार 4 से 6 अक्टूबर तक आयोजित होगा। हर साल शरद पूर्णिमा पर होने वाले इस महोत्सव का इंतजार श्रद्धालुओं और शहरवासियों को बेसब्री से रहता है। इस बार भी तीन दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों

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मीरा स्मृति संस्थान इस महोत्सव का आयोजन करता है। संस्थान के सचिव राकेश मंत्री ने बताया कि अध्यक्ष अनिल शिशोदिया के नेतृत्व में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। तीनों दिन होने वाले रात्रि समारोह की अध्यक्षता सांसद सीपी जोशी करेंगे। यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि मीरा की भक्ति और त्याग को याद करने का माध्यम भी है।

कवि सम्मेलन से होगी शुरुआत, पहले दिन सहकारिता मंत्री होंगे अतिथि

महोत्सव की शुरुआत 4 अक्टूबर को शाम 7:30 बजे कवि सम्मेलन से होगी। इस कार्यक्रम में सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। कवि सम्मेलन में देशभर के नामचीन कवि मंच पर आएंगे। इनमें विष्णु सक्सेना, बुद्धिप्रकाश दाधीच, गोविंद राठी, मुन्ना बेट्री, पवन अगारी, शंकर सुखवाल और राहुल शर्मा अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मीरा की भक्ति और समर्पण की भावना का अनुभव कराएंगे। कवि सम्मेलन हर बार की तरह इस बार भी महोत्सव की भव्य शुरुआत करेगा।

नृत्य नाटिका और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होगी

दूसरे दिन 5 अक्टूबर को शाम 7 बजे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में श्रीराम भारतीय कला केंद्र, नई दिल्ली द्वारा“मां मीरा”नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार और ओडिशी नृत्यांगना कुजलता मिश्रा एवं उनका समूह मीरा नृत्य नाटिका पेश करेंगे। यह प्रस्तुतियां मीरा बाई के जीवन और भक्ति के विभिन्न पहलुओं को मंच पर जीवंत करेंगी। दर्शक मीरा के त्याग, प्रेम और भक्ति को नृत्य के माध्यम से अनुभव कर सकेंगे।

समापन 6 अक्टूबर को, पर्यटन मंत्री दीया कुमारी होंगी शामिल

महोत्सव का अंतिम दिन 6 अक्टूबर होगा, जब शाम 7 बजे से भव्य समारोह होगा। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजस्थान की उप मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी होंगी। कार्यक्रम में चार विशेष प्रस्तुतियां होंगी। इनमें मीरा भजन, उपासना संगीत और अन्य भक्ति से जुड़े आयोजन शामिल होंगे। इस अवसर पर शहरवासियों और दूर-दराज से आए भक्तों को भक्ति रस की अनूठी अनुभूति होगी।

शरद पूर्णिमा पर दुर्ग स्थित मीरा मंदिर में विशेष रसोत्सव

महोत्सव का मुख्य आकर्षण शरद पूर्णिमा की सुबह होगा। 6 अक्टूबर को सुबह 8:15 बजे चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित मीरा मंदिर में भक्ति रसोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आकाशवाणी कलाकार दीपक माथुर मीरा भजन प्रस्तुत करेंगे। गुरुग्राम की नृत्य कला नेत्री नैनिका घोष अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर करेंगी। उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज की ओर से उपासना संगीत और मेवाड़ गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं द्वारा मां मीरा भजन प्रस्तुत किए जाएंगे। इस भक्ति रसोत्सव में श्रद्धालु भक्ति, संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम देख सकेंगे।

मीरा की भक्ति से प्रभावित अमेरिका की भक्त वासंती शर्मा

मीरा स्मृति संस्थान के पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण समदानी ने बताया कि मीरा महोत्सव सिर्फ चित्तौड़गढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश-दुनिया के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद की मूल निवासी वासंती शर्मा, जो इस समय अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहती हैं, मीरा की परम भक्त हैं। वे देश-दुनिया में जहां भी मीरा से जुड़े स्थल हैं, वहां जा चुकी हैं। कई बार वे चित्तौड़गढ़ भी आ चुकी हैं और विदेशों में भी मीरा का प्रचार-प्रसार करती रहती हैं।

वासंती शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मांग की है कि चित्तौड़गढ़ में मीरा बाई की स्मृति में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्मारक बनाया जाए, ताकि देश-दुनिया के लोग यहां आकर मीरा की महत्ता को समझ सकें। उन्होंने यह भी कहा है कि मीरा से जुड़े अन्य स्थलों पर भी कार्य होना चाहिए और उन्हें लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए। उनकी इस मांग पर प्रधानमंत्री कार्यालय से जवाब मिला है कि यह प्रस्ताव “अंडर प्रोसेस” है।

मीरा स्मृति संस्थान की स्थापना और परंपरा

पूर्व अध्यक्ष समदानी ने बताया कि मीरा बाई चित्तौड़गढ़ की सबसे बड़ी विभूतियों में से एक हैं। साल 1990 में तत्कालीन जिला कलेक्टर मालोविका पंवार ने मीरा स्मृति संस्थान की स्थापना की थी। इसी साल से मीरा महोत्सव की परंपरा शुरू हुई और तब से लगातार हर साल शरद पूर्णिमा पर यह आयोजन होता आ रहा है। इस बार महोत्सव का 36वां वर्ष है। इतने लंबे समय तक निरंतरता बनाए रखना अपने आप में बड़ी बात है। यह चित्तौड़गढ़ की संस्कृति और लोगों की भक्ति भावना का प्रमाण है।



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