नगर निगम हैरिटेज, फ्यूचर सोसायटी और डिजिटल बाल मेला की ओर से शुरू हुए बाल पार्षद अभियान को नई दिशा मिल गई है।
नगर निगम हैरिटेज, फ्यूचर सोसायटी और डिजिटल बाल मेला की ओर से शुरू हुए बाल पार्षद अभियान को नई दिशा मिल गई है। जयपुर की महापौर कुसुम यादव ने अपने कार्यालय में बाल पार्षद चयन प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक पहल के तहत वार्ड 66 के पहले
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मंडी खटीकान में कक्षा 7 में अध्ययनरत प्रिंस बैरवा ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जागरूकता पर अपने विचारों से महापौर को विशेष रूप से प्रभावित किया। बच्चों के विचारों को सुनने के बाद मेयर कुसुम यादव ने प्रिंस को बाल निगम सभा में प्रतिनिधित्व का अवसर प्रदान किया।

बच्चों के विचारों को सुनने के बाद मेयर कुसुम यादव ने प्रिंस को बाल निगम सभा में प्रतिनिधित्व का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर महापौर कुसुम यादव ने कहा कि यह महज एक चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की एक नींव है। आज के ये बाल पार्षद भविष्य के नेता, डॉक्टर, इंजीनियर और समाजसेवी बनेंगे। बच्चों के जरिए स्वच्छता और जागरूकता का संदेश समाज के हर कोने तक पहुंच रहा है।
फ्यूचर सोसायटी की उपाध्यक्ष रविता शर्मा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देना है, ताकि वे अपने मोहल्ले और विद्यालय के विकास में भागीदार बन सकें।

इस ऐतिहासिक पहल के तहत वार्ड 66 के पहले बाल पार्षद के रूप में प्रिंस बैरवा के नाम की घोषणा की।
डिजिटल बाल मेला की फाउंडर जान्हवी शर्मा ने कहा कि यह अभियान बच्चों को मंच, माइक्रोफोन और मकसद, तीनों एक साथ देता है। प्रिंस बैरवा ने साबित किया है कि अगर आत्मविश्वास हो, तो बच्चों की आवाज भी बदलाव ला सकती है। यह पहल न केवल बच्चों को सशक्त बना रही है, बल्कि नागरिक चेतना और भागीदारी की एक नई संस्कृति को भी जन्म दे रही है। आने वाले दिनों में अन्य वार्डों में भी बाल पार्षदों का चयन किया जाएगा, जिससे जयपुर की बाल पीढ़ी नेतृत्व की ओर प्रेरित होगी।
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