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मदन राठौड़ ने पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर कहा कि इन दिनों अच्छा व्यक्ति बिगड़ गया। वो अच्छा व्यक्ति था, लेकिन इन दिनों बिगड़ गया। उसने अपने व्यक्तित्व को समाप्त करने की दिशा में कई आत्मघाती कदम उठाए।

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मैं उनके साथ विधानसभा में रहा हूं और हम मानते थे कि वो उभरता हुआ नेता हैं। ठीक ढंग से अपनी प्रतिभा विकसित कर रहा हैं। लेकिन विपक्ष में अपनी भूमिका नहीं निभा पा रहा हैं। इनती गिरावट आ गई, शब्द चयन में भी बहुत हल्के शब्द प्रयोग करने लग गए।

आसन पर भी आक्रमक तरीके से चले गए, फिर सदन में जाना नहीं। अब अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कर रहे हैं। राठौड़ आज बीजेपी प्रदेश कार्यालय में जयपुर देहात की कार्यकारिणी के अभिनंदन समारोह के बाद मीडियो को संबोधित कर रहे थे।

इनका संगठन बिखरने वाला है मदन राठौड़ ने कहा कि इनकी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कोई अच्छी बात कह दी तो इन्होने उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित किया। विधायक राजेन्द्र पारीक वरिष्ठ नेता हैं। डोटासरा को उनकी सार्वजनिक रूप से निंदा नहीं करना चाहिए थी।

उनसे घर बुलाकर बात कर लेते, पार्टी फोरम पर बात कर लेते। राजेन्द्र पारीक समझदार नेता है, स्वाभिमानी नेता हैं। उस नेता के लिए डोटासरा सार्वजनिक रूप से इस तरह के शब्द प्रयोग करें। मेरे ख्याल से उन्हें इस तरह से नहीं करना चाहिए था

इसलिए अब यह संगठन बिरखने वाला है, एक नही होने वाला हैं।

गहलोत ने भी पायलट को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था डोटासरा को राजेन्द्र पारीक को सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं करना चाहिए था। जैसे कि अशोक गहलोत ने भी सार्वजनिक रूप से सचिन पायलट को अपमानित किया था, इसलिए वो एक नहीं हो पा रहे है।

कभी वो पायलट को नजदीक भी लाना भी चाहेंगे तो उनके मन में एक चुभन रहेगी कि मुझे नकारा, निक्कमा कह दिया। ऐसे ही राजेन्द्र पारीक के दिमाग में आएगा कि मुझे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।



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