समाधि मरण के बाद रविवार शाम को मुनि विशाल सागर महाराज की चकडोल यात्रा निकालते श्रद्धालु।
टोंक शहर की दिगंबर जैन अमीरगंज नसियां में मुनि दीक्षा लेने के करीब डेढ़ घंटे बाद ही रविवार को विशाल सागर जी महाराज की समाधि मरण (निधन) हो गई। इसके बाद जैन समाज में माहौल गमगीन हो गया।
शाम को जैन समाज की ओर से आचार्य वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में हजारों श्रद्धालुओं के साथ गाजे बाजे से मुनि विशाल सागर महाराज की चकडोल यात्रा निकाली गई।

मुनि विशाल सागर महाराज की चकडोल यात्रा में उमड़े श्रद्धालु।
केश लोचन के साथ दी दीक्षा जैन धर्म प्रचारक पवन कंटान एवं विमल जौंला ने बताया- दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में क्षुल्लक विशाल सागर महाराज को आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने आज दोपहर करीब डेढ़ बजे केश लोचन के साथ मुनि दीक्षा दी। इस दौरान आचार्य श्री ने मुनि विशाल सागर महाराज का विधिवत मंत्रोच्चार करते हुए केसर एवं लोंग द्वारा दीक्षा संस्कार दिये।
उन्होंने बताया- दिगम्बर जैन अमीरगंज नसियां में हजारों श्रद्धालुओं के बीच क्षुल्लक विशाल सागर महाराज की मुनि दीक्षा हुई। आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने नव दीक्षित मुनि विशाल सागर महाराज के नाम से नामांकरण किया गया। विकास जागीरदार एवं राकेश संधी ने बताया कि इस दौरान क्षुल्लक महाराज की दोपहर 1.35 बजे पर मुनि दीक्षा हुई।

मुनि दीक्षा देने के दौरान मुनि विशाल सागर जी महाराज के लोचन करते आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज।
मुनि दीक्षा के बाद नवदीक्षित का समाधि मरण मुनि दीक्षा के बाद 3 बजे नवदीक्षित मुनि विशाल सागर महाराज का समाधि मरण हुआ। समाधि मरण की चकडोल यात्रा दिगम्बर जैन अमीरगंज नसियां से आचार्य वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में हजारों श्रद्धालुओं के साथ गाजे बाजे से निकाली गई।
यह मुख्य मार्गों से होती हुई समाधि स्थल पर पहुंची। जहां विद्वानों पंडितों एवं आचार्य श्री द्वारा संस्कार विधि द्वारा अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर समाज के प्रवक्ता अध्यक्ष पदम चंद आंडरा, मंत्री महावीर प्रसाद देवली, चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष भागचंद फुलेता, धर्म चंद दाखिया मंत्री राजेश सर्राफ, राजेश बोरदा, कमल सर्राफ, नरेंद्र छामुनिया, ओम ककोड़, विकास अत्तार सहित अनेक लोग मौजूद थे।
सास और पत्नी भी ले चुकी दीक्षा
मुनि विशाल सागर महाराज की 2015 में किशनगढ़ में छुल्लक दीक्षा हुई थी और आज दोपहर बाद दोपहर 1.35 बजे टोंक नगर में मुनि दीक्षा हुई। नव दीक्षित मुनि विशाल सागर महाराज के गृहस्थ अवस्था की पत्नी वर्तमान में संघ में श्री विचक्षणमति माताजी और सास ने भी आचार्य श्री वर्धमान सागर से पूर्व में दीक्षा ली है ।

मुनि दीक्षा लेने के बाद लोगों के बीच बैठे मुनि विशाल सागर जी महाराज।
36 वर्ष के आचार्य काल में 117 वीं दीक्षा हैं। जैन धर्म प्रचारक पवन कंटान एवं विमल जौंला ने बताया कि पंचम काल मे भी ऐसे अद्भुत और विरले संत है, जो भविष्य को पहले ही जान लेते हैं। आज भी ऐसा ही हुआ, आचार्य जी को आभास हो गया था कि विशाल सागर जी महाराज का समाधि मरण होने वाला है, फिर कुछ समय पहले ही उन्हें मुनि की दीक्षा दी।
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