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भास्कर न्यूज| भरतपुर जानलेवा खांसी के सीरप डेक्सट्रोमेथोरपन हाइड्रोब्रोमाइड के सरकारी अस्पतालों की डीडीसी काउंटरों से वितरण पर रोक लगा दी गई है, लेकिन घरों में पहले से रखी इस सीरप के 2 ढक्कन पीने से बीमार होकर लोग अस्पताल पहुंचने लगे हैं। ऐसे में लोग
एक अन्य महिला को भी भर्ती कराया गया है, जिसके पोते ने भी पी ली थी, उसकी हालत ठीक है। वहीं गुंडवा निवासी 60 वर्षीया रामदेई पत्नी स्व. भूरा सिंह सैनी ने पहले से घर में रखी इसी कायसन फार्मा की सीरप पी ली। उसके पोते 15 वर्षीय गुलशन ने भी यह दवा पी थी जिससे उसकी भी तबियत बिगड़ी थी। अब रामदेवई की हालत ज्यादा खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नदबई उपखंड के बसैयाकलां निवासी 17 वर्षीय शैलेंद्र पुत्र नाहर सिंह ने शुक्रवार को घर में रखी खांसी की दवा पी ली, जिसे उसके बाबा राजवीर सिंह खांसी-जुकाम, बुखार होने पर लखनपुर पीएचसी से लेकर आए थे। इसके कुछ ही देर बाद शैलेंद्र की तबीयत बिगड़ गई।
बाबा राजवीर ने बताया कि रात में बेहोश हो गया और सुबह देखा तो दांती भिंच गई। उसे आरबीएम अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहां आईसीयू में भर्ती कर लिया। उसे बाद में जयपुर रैफर कर दिया। 2 वर्षीय तीर्थराज पुत्र निहाल सिंह निवासी गांव लुहासा वैर की जांच में पाया है कि तीर्थराज को खांसी एवं बुखार (यूआरआई) तीन दिन की हिस्ट्री लेकर परिजन उप जिला चिकित्सालय वैर में दिखाने आए। गंभीर स्थिति पर जिला अस्पताल वहां से जेके लोन अस्पताल जयपुर रैफर किया गया, जहां 27 सितंबर को बालक की मृत्यु हुई। जेके लोन से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीर्थराज की मौत एक्यूट एनसिफलाइटिस के कारण होना बताया गया है।
जिले में तथाकथित खांसी के सीरप के पीने से मौत के बाद उनके घर मलाह भरतपुर व लुहासा वैर शनिवार को जयपुर से अधिकारियों ने परिवार को सांत्वना दी। जिसमें मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना (एमएनडीवाई) के नोडल अधिकारी डॉ. रामबाबू जायसवाल, लॉजिस्टिक के कार्यकारी अधिकारी डॉ. विकास शर्मा के साथ सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर व जिला औषधि भंडार के प्रभारी डॉ. मनीष चौधरी, एडिशनल सीएमएचओ डॉ. बीएल मीणा शामिल थे।
ढाई वर्षीय सम्राट पुत्र प्रकाश निवासी गांव मलाह की मृत्यु के प्रकरण की जांच में पाया है कि बालक सम्राट को निमोनिया था। जिसका उप स्वास्थ्य केन्द्र मलाह में एएनएम एवं सीएचओ ने उपचार किया था। उसके बाद जिला अस्पताल एवं जेके लोन रैफर किया। 22 सितंबर को उसकी मौत हो गई। उसे किसी स्तर पर डेक्सट्रोमैथोरपन दिए जाने का रिकॉर्ड नहीं है। जेके लोन की रिपोर्ट के अनुसार सम्राट की मौत कारण एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम है।
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