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7 दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
धौलपुर में पिछले 7 दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। खरीफ की बुवाई पर मौसम बिगड़ने से रोक लग गई है। इससे पहले तीन बार की गई बुवाई भी बारिश से धुल चुकी है।
17 जुलाई से बारिश में कुछ दिन का अंतराल मिला था। इसलिए 24 जुलाई के आसपास किसानों ने कई स्थानों पर जमीन में नमी की कमी देखकर खरीफ की बुवाई की थी, लेकिन 26 जुलाई से फिर शुरू हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फसल बुवाई के पीछे किसानों का तर्क था कि भले ही उन्हें खाने के लिए अन्न की पैदावार न हो, लेकिन पशुओं के लिए चारे का प्रबंध हो जाए तो वही काफी है।
किसान विनीत कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के सहरौली सेमरा, कैंथरी, रजौरा खुर्द, कूंकरा, नगला ठाकुरदास गोदूपुरा, राजा का नगला झीलरा सहित कई गांवों में अधिकांश कृषि जमीन पानी की चपेट में है। इन क्षेत्रों में अभी तक किसान खरीफ की बुवाई को तरस रहे हैं। पिछले वर्ष भी इन गांवों में खरीफ की फसल की बुवाई नहीं हो पाई थी। बारिश का काफी सीजन अभी बाकी है, इसलिए इस बार भी खेतों में फसल बुवाई की उम्मीद काफी कम है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें देखी जा रही हैं।
24 जुलाई को किसानों ने बुवाई का उचित समय निकल जाने के बाद भी फिर से खरीफ की बुवाई कर दी थी, लेकिन 26 जुलाई से मौसम खराब होने और बारिश शुरू होने से किसानों के प्रयास बेकार हो गए। किसानों ने अब बुवाई का काम रोक दिया है। जिले में बहुत सारे किसानों ने खरीफ के सीजन में खेतों में जलभराव की स्थाई समस्या के कारण ग्वार, बाजरा, जौ, तिलहन, दलहन जैसी पारंपरिक खेती से हटकर अधिक पानी में पैदा होने वाली धान, गन्ने और ढेंचा की खेती शुरू करने की बात कही है।
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