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उदासर क्षेत्र में खातेदारी जमीन पर बसी कॉलोनियों में रहने वाले काफी लोगों के पट्टे अब तक नहीं बने हैं। कृषि भूमि पर कॉलोनाइज़र सालों पहले ही कॉलोनियां काट चुके हैं। गिरधारी लाल कूकणा सहित कुछ लोग पट्टा बनवाने अंबेडकर भवन में लग रहे शहरी सेवा शिविर मे
बीडीए के काउंटर पर एक घंटे तक पूछताछ करते रहे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। काफी बहस करने पर एक कर्मचारी ने उन्हें ई-मित्र से ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी। कूकणा का कहना था कि जब ई-मित्र ही जाना है तो यहां शिविर क्यों लगाया है। बीजेपी के नेता यहां आकर केवल अपने फोटो खिंचवा रहे हैं। जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। इसी प्रकार खतूरिया कॉलोनी, बल्लभ गार्डन, करणी नगर, सुदर्शननगर के भी पट्टे नहीं बन रहे।
निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा का कहना है कि खतूरिया कॉलोनी शिवबाड़ी पंचायत की जमीन पर बसी है, जबकि अन्य कॉलोनियां फ्री होल्ड पट्टा लैंड हैं। राज परिवार की जमीन है। इसका एकल पट्टा है। रजिस्टर्ड चेन के मूल दस्तावेज निगम में जमा कराने पर ही 69-ए में पट्टे बन सकेंगे, लेकिन मूल दस्तावेज लेकर कोई नहीं आ रहा है। सभी के पास फोटो कॉपी है। उन्होंने बताया कि 69-ए में उन्हीं के पट्टे बनाए जा रहे हैं, जिनके पास मूल पट्टा और चेन के मूल दस्तावेज हैं और निगम को सरेंडर कर सकते हैं।
सीवर लाइन को पटेल नगर पुलिया पर पुरानी जर्जर लाइन से जोड़ रहे
सेवा शिविर में गुरुवार को बल्लभ गार्डन के बाशिंदे भी पहुंचे। लाल मोहम्मद ने निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा को बताया कि टेक्नोक्राफ्ट कंपनी नई सीवर लाइन बिछा रही है, जिसे पटेल नगर पुलिया तक लाकर छोड़ दिया है। पुलिया डैमेज हो रही है। सीवर लाइन लीकेज है। इसलिए कंपनी पुरानी लाइन से ही नई लाइन को जोड़ रही है, जबकि बल्लभ गार्डन तक नई लाइन बिछानी चाहिए। आगे तक सीवर लाइन जाम पड़ी है, जिसकी वजह से चिराग होटल के पास सुदर्शननगर की ओर जाने वाला मार्ग टूटा पड़ा है। खुले भूखंडों पर गंदा पानी पसरा हुआ है। इसके अलावा सुदर्शननगर पंप हाउस तक सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। लाल मोहम्मद ने बताया कि इस समस्या की जानकारी एक्सईएन चिराग गोयल को भी दी थी, लेकिन उन्होंने कोई समाधान नहीं किया।
निगम के काउंटर पर शिकायत दर्ज करने वाला कार्मिक नदारद
सेवा शिविर में नगर निगम का काउंटर सबसे पहले लगा हुआ है, जहां समस्याओं का अंबार है। शिकायतें दर्ज करने वाला निगम का कर्मचारी ही दो घंटे तक नदारद रहा। लोग परेशान होते रहे। उन्हें रिसीप्ट देने वाला कोई नहीं था। पानी का कनेक्शन लेने के लिए एक उपभोक्ता भटक रहा था। काउंटर पर जलदाय विभाग का कोई कर्मचारी नहीं था।
सड़क, सीवरेज, अवैध डेयरी और कुत्तों के आतंक की समस्याएं ज्यादा
शहर में जो काम रुटीन में होने चाहिए, उनकी शिकायतें सेवा शिविर में आ रही हैं। सेवा शिविर में सबसे ज्यादा भीड़ नगर निगम और बीडीए के काउंटर पर देखने को मिल रही है। यहां पर सीवरेज, आवारा पशु, अवैध डेयरी, अतिक्रमण और कुत्तों की समस्याएं लेकर लोग पहुंच रहे हैं। समता नगर ए ब्लॉक निवासी विजयलक्ष्मी राजपुरोहित, डॉ. मनोज और जुबिन ग्रोवर ने आवारा कुत्तों के आतंक से मुक्त कराने की गुहार लगाई है।
मोहल्ले में बच्चे और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। कुत्ते आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। लालगुफा निवासी नसीर गुर्जर ने अवैध रूप से चल रही डेयरी को बंद कराने की मांग की है। डेयरी के कारण सड़क और नाली में गोबर भरा रहता है। इसकी वजह से मक्खी और मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है। 50-60 गाएं सड़क पर छोड़ दी जाती हैं, जिससे आवागमन बाधित रहता है।
“सेवा शिविर के दौरान आ रही समस्याओं का निस्तारण किया जा रहा है। कब्जा नियमन नहीं किए जा रहे हैं। धारा 60-सी के तहत फ्री होल्ड पट्टा बनाने के लिए फीस ही तय नहीं है। इसलिए आवेदन 69-ए वाले पट्टों के ही लिए जा रहे हैं।”
— यशपाल आहूजा, उपायुक्त, नगर निगम
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