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हाईकोर्ट ने आज एसआई भर्ती परीक्षा-2021 रद्द कर दी है। फैसला आते ही पिछले 2 महीने से आंदोलन कर रही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने खुशी जताई है। सांसद बेनीवाल के समर्थकों ने नागौर आवास के बाहर हाईकोर्ट का फैसला आते
हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये भर्ती रद्द करवाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जयपुर में बहुत बड़ा आंदोलन कर रही थी। लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, आरपीएससी पुनर्गठन और अग्निवीर योजना के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। एसआई भर्ती रद्द करवाने, पेपर लीक की घटनाएं और आरपीएससी का पुनर्गठन के नाम पर बीजेपी सत्ता में आई थी। लेकिन सरकार में आते ही मौन धारण कर लिया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने जयपुर में लाखों युवाओं के साथ रैली की। आरएलपी ने जेलभरो आंदोलन किया, राज्यपाल से मिले और लोकसभा की ऑल पार्टी मीटिंग में भी यह मुद्दा उठाया। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान यह बयान दिया था कि अगर हम सत्ता में आए तो एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करेंगे और आरपीएससी का पुनर्गठन करेंगे।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने आगे कहा कि आज फैसला हमारे पक्ष में नहीं आता तो दिल्ली कूच करने की तैयारी थी। हाईकोर्ट ने इस मामले की तह तक जाकर एक-एक बात को सुना और आरपीएससी पर गंभीर आरोप भी लगाए। जब दोनों पार्टियां मिलकर बंदर बांट करती हैं तो न्यायपालिका न्याय करने के लिए खड़ी होती है। बजरी माफिया, खनन माफिया और पेपर लीक जैसे सभी लोगों के खिलाफ आरएलपी की फौज तैयार खड़ी है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने एसआई भर्ती के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन किया और सवा सौ दिन तक लड़ाई लड़ी। इस लड़ाई में यह भी साबित हो गया कि राजस्थान की आरएलपी पार्टी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। यह सत्य की जीत है, नौजवानों के संघर्ष की जीत है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद गहलोत, वसुंधरा और भजनलाल के गठजोड़ से पर्दा उठ गया है।
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