रिटायर्ड कस्टम अधिकारी ओमप्रकाश खोबर की फाइल फोटो।
जयपुर में सब्जी वाले ने रिटायर्ड कस्टम अधिकारी का गला घोंटकर मर्डर कर दिया। हत्या की वजह थी कि उसने रिटायर्ड कस्टम अधिकारी मोबाइल पर बैंक बैलेंस का मैसेज देख लिया था। मामला शहर के रामनगरिया थाना क्षेत्र के जगतपुरा स्थित लोटस विला का है।
ओमप्रकाश खोबर (88) यहां अपने फ्लैट में अकेले रहते थे। 25 जुलाई की रात 10:30 बजे पुलिस को फ्लैट में शव होने की सूचना मिली थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सब्जी वाले कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बैड पर उनका शव पड़ा था। इसके साथ ही गले पर खरोंच के निशान थे और मोबाइल गायब था। हालांकि पुलिस ने 26 जुलाई को पोस्टमॉर्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया था। लेकिन, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद उनकी बेटी सुषमा की ओर से मर्डर का मामला दर्ज करवाया गया।

पुलिस की गिरफ्त में हत्यारा सब्जीवाला।
गला दबाकर की थी हत्या DCP (ईस्ट) संजीव नैन ने बताया- पुलिस के मर्ग दर्ज कर मोबाइल तलाशने की कोशिश करने पर स्विच ऑफ मिला। अनहोनी के संदेह पर मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाने भेजी गई। इस दौरान आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने से सांस रुकने के चलते ओमप्रकाश खोबर की मौत होना सामने आया है। SHO (रामनगरिया) चन्द्रभान के नेतृत्व में कॉन्स्टेबल विक्रम और राहुल ने हत्या के लेकर सबूत जुटाना शुरू किया।
मोबाइल सीडीआर में हत्या वाले दिन ओमप्रकाश खोबर के बैंक अकाउंट से कई बार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर करीब 3 लाख रुपए कमलेश कुमार के अकाउंट में ट्रांसफर का पता चला।
शक नहीं हो करता रहा गुमराह पुलिस ने शक के आधार पर अपार्टमेंट के सामने ही सब्जी की दुकान लगाने वाले कमलेश कुमार शर्मा को पकड़ा। पूछताछ के दौरान वह पुलिस को गुमराह करता रहा। रुपयों के ट्रांसफर को लेकर भी उसने कोई जानकारी नहीं होने जताया।
पुलिस ने जब आरोपी को अपार्टमेंट में लगे CCTV फुटेज, बैंक ट्रांजैक्शन आदि सबूत बताए तो उसने हत्या करना कबूल कर लिया। कमलेश (31) कानोता कानड़वास भूरथल का रहने वाला है। उसने बताया कि ओमप्रकाश की उसी ने ही गला दबाकर हत्या की थी।

अपनी बेटी के साथ रिटायर्ड कस्टम अधिकारी ओमप्रकाश खोबर ।
प्लानिंग के तहत कर डाली हत्या पूछताछ में आरोपी कमलेश ने बताया कि ओमप्रकाश उसकी दुकान पर सब्जी खरीदने आते थे। ऑनलाइन पेमेंट करने के दौरान बैंक अकाउंट में बड़ी रकम देखकर उसे लालच आ गया। पैसों के लालच में उसने ओमप्रकाश की हत्या की प्लानिंग रच डाली। उसने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान चोरी-छिपे पिन नंबर जानने के लिए वीडियो भी बनाई थी।
25 जुलाई को सुबह करीब 9:15 बजे ओमप्रकाश ने दुकान पर आकर कमलेश (आरोपी) से बातचीत की। महज 5-7 मिनट बात करने के बाद वह अपने घर चले गए। उनके पीछे-पीछे ही कमलेश भी अपार्टमेंट में घुसकर फ्लैट तक पहुंच गया। महज 20 मिनट में फ्लैट में गला दबाकर ओमप्रकाश की हत्या कर उनका मोबाइल चोरी कर निकल गया।
नौकरानी को मिली लाश, काम करने पहुंचा घर पुलिस का कहना है कि ओमप्रकाश खोबर ने घरेलू कामकाज के लिए राधा देवी को जॉब पर रखा हुआ था। नौकरानी राधा देवी सुबह साफ-सफाई और नाश्ता बनाकर चली गई थी। दोपहर करीब 2 बजे खाना बनाने आने पर फ्लैट में बेड पर ओमप्रकाश खोबर का शव पड़ा मिला।
शोर मचाने पर इकट्ठा हुए सोसाइटी के लोगों ने शव को बेड से नीचे उतार फर्श पर लेटा दिया था। ओमप्रकाश की मौत की खबर मिलने के बाद से किसी को शक नहीं हो हत्यारा कमलेश भी पहुंच गया था। फर्श पर शव को लेटाने के साथ ही परिजनों के आने पर छोटे-मोटे काम करता रहा।
पिछले 14 साल से रह रहे थे जयपुर मृतक की बेटी सुषमा का कहना है- पिता ओमप्रकाश आयकर डिपार्टमेंट में दिल्ली में अधिकारी के पद पर थे। दिल्ली के साथ ही वह गुजरात में भी पोस्टेड रहे है। पिछले 14 साल से वह जयपुर में रह रहे है। पहले छोटी बहन उनके साथ ही रहती थी, लेकिन करीब ढाई साल पहले उसकी मौत हो गई। दिल्ली में अधिक पॉल्युशन के चलते वह जयपुर में ही अकेले रहने लगे। पिछली 9 जुलाई की रात वह दिल्ली से जयपुर आए थे। कहकर गए थे कि जुलाई लास्ट वीक में दोबारा दिल्ली आ जाऊंगा। उनका दिल्ली आना-जाना लगा रहता था।
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