जयपुर की हर्षिता गुप्ता खुद को ‘स्किन-सर्जन और हेयर ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट’ बताकर इलाज कर रही थी। हर दिन दर्जनों लोग स्किन ट्रीटमेंट, पीआरपी और हेयर ट्रांसप्लांट के लिए पहुंच रहे हैं।
लेकिन जिस जिस रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वो डॉक्टर बनकर क्लीनिक चला रही हैं वह नंबर उनका है ही नहीं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में ये खुलासा हुआ है।
भास्कर रिपोर्टर को हर्षिता गुप्ता के खिलाफ सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर इन्वेस्टिगेट किया ताे सामने आया कि हर्षिता गुप्ता राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड डॉक्टर नहीं हैं। जो रजिस्ट्रेशन नंबर वह यूज कर रही है, वह जयपुर के डॉक्टर का है जो अब अहमदाबाद में रहते हैं।
पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

हर्षिता गुप्ता जयपुर में ‘शुद्धि Pores and skin, Laser & Hair Transplant Centre’ नाम से क्लिनिक चलाती है।
हर्षिता गुप्ता साल 2023 तक खुद को बिना एमबीबीएस बताए किसी अन्य रजिस्ट्रेशन नंबर को इस्तेमाल कर काम कर रही थी। साल 2024 से उसने खुद की क्वालिफिकेशन में एमबीबीएस जोड़ते हुए नया आरएमसी रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
यह नंबर असल में किसी और डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड है। भास्कर रिपोर्टर को हर्षिता के लिखे हुए कुछ पुराने प्रिस्क्रिप्शन मिले हैं।
एक 2023 का पर्चा है जिसमें उनके नाम के आगे “डॉ.” लिखा है, लेकिन MBBS जैसी कोई क्वालिफिकेशन दर्ज नहीं है और रजिस्ट्रेशन नंबर में 20172 लिखा है। वहीं, 2024 के पर्चे में MBBS जोड़ा गया है और रजिस्ट्रेशन नंबर 55049 लिखा गया है।
अहमदाबाद में रह रहे डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल
भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि यह रजिस्ट्रेशन नंबर असली है लेकिन किसी और डॉक्टर का है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में यह नंबर डॉ. प्रदीप सिंघल के नाम से रजिस्टर्ड हैं, जो जयपुर के रहने वाले हैं।
भास्कर रिपोर्टर जयपुर के अर्जुन नगर स्थित उस पते पर पहुंची, जो डॉ प्रदीप सिंघल के RMC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर दर्ज था। वहां डॉ. प्रदीप नहीं मिले। इसके बावजूद जांच जारी रही।
पड़ताल में एक नंबर मिला जो डॉक्टर प्रदीप का बताया जा रहा था। उस पर कॉल किया गया और मरीज बनकर अपॉइंटमेंट मांगा तो जवाब मिला ‘डॉ. प्रदीप सिंघल मरीज नहीं देखते हैं।’ जब हॉस्पिटल का पता पूछा तो बताया कि हॉस्पिटल जयपुर नहीं, अहमदाबाद (गुजरात) में संचालित हो रहा है।

डॉ. सिंघल बोले- करूंगा कार्रवाई
भास्कर रिपोर्टर ने डॉ. सिंघल को कॉल किया। फोन उठाने वाले ने खुद को उनका स्टाफ बताया और कहा कि ‘सर बिजी हैं, बाद में बात कराएंगे।’ कुछ देर बाद डॉ. प्रदीप सिंघल के नंबर से खुद कॉल आया।
भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में डॉ. सिंघल ने बताया- ‘मैं अब अहमदाबाद में रहता हूं। करीब ढाई साल पहले मैं जयपुर के सुभाष चौक स्थित एक क्लीनिक में सेवा दे रहा था।
फिर मुझे लकवा ( पैरालाइसिस) हो गया था। इसके बाद मैं इलाज के लिए अहमदाबाद आया। अब यहीं पर नॉन-क्लीनिकल काम कर रहा हूं।’
डॉ. सिंघल ने यह भी कहा कि- ‘मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि मेरे राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रेशन नंबर से कोई अन्य व्यक्ति मेडिकल प्रैक्टिस कर रहा है। अगर मेरे रजिस्ट्रेशन नंबर का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो मैं उस पर उचित कार्रवाई करूंगा।’
स्टाफ बोला- मैडम यूएसए से ट्रेनिंग लेकर आई हैं
इसके बाद दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने क्लाइंट बनकर हर्षिता गुप्ता के क्लीनिक से अपॉइंटमेंट लेने के लिए फोन किया। रिपोर्टर ने बताया कि उसे स्किन ट्रीटमेंट कराना है- पीआरपी ट्रीटमेंट।
क्लिनिक स्टाफ ने कहा कि यह ट्रीटमेंट ‘मैडम’ ही करती हैं। रिपोर्टर ने पूछा– क्या मैडम डॉक्टर हैं? जवाब मिला- ‘हां, मैडम USA से ट्रेनिंग लेकर आई हैं। वहां भी ट्रीटमेंट देती हैं।’
जब हर्षिता गुप्ता से बात करने की कोशिश की गई तो स्टाफ ने कहा कि ‘मैडम डायरेक्ट बात नहीं करतीं’ और अगले दिन का अपॉइंटमेंट दे दिया।

बायी तरफ डॉ. प्रदीप सिंघल व दायी तरफ हर्षिता गुप्ता का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट है। दोनों सर्टिफिकेट में RMC-55049 लिखा है।
कई जिलों में करती है इलाज
रिपोर्टर ने हर्षिता गुप्ता के काम करने की दिनवार लोकेशन भी खंगाली तो सामने आया कि हर्षिता कई जिलों में जाती है और वहां भी मरीज देखती है।
जयपुर में ‘शुद्धि Pores and skin, Laser & Hair Transplant Centre’ नाम से स्थायी क्लिनिक है। इसके अलावा हर शनिवार हिंडौन और हर रविवार श्रीमाधोपुर जाती हैं।
क्या-क्या इलाज कर रही फर्जी डॉक्टर
हर्षिता गुप्ता खुद को स्किन और हेयर स्पेशलिस्ट बताती है। लेकिन जो ट्रीटमेंट वह कर रही है, उनमें कई सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं…
- Vitiligo Surgical procedure (सफेद दाग की सर्जरी)
- Mole Removing (तिल/मस्से हटाना)
- Nail Surgical procedure (नाखून से संबंधित सर्जरी)
- Ear Lobe Surgical procedure (कान की लोब सर्जरी)
- Chemical Peels, Laser Therapies
- Hair Transplant
- PRP Remedy
हर्षिता गुप्ता बोली- 55049 मेरा ही रजिस्ट्रेशन नंबर
भास्कर ने मामले में पक्ष जानने के लिए हर्षिता गुप्ता से बात की। हर्षिता का कहना है- 55049 मेरा ही रजिस्ट्रेशन नंबर है। मैं किसी डॉक्टर प्रदीप को नहीं जानती। आप चाहें तो मैं राजस्थान मेडिकल काउंसिल में आपकी किसी से बात करवा सकती हूं। मैंने अपना रजिस्ट्रेशन 2022 में करवाया था। मैं क्यों किसी और का नंबर इस्तेमाल करूंगी?

राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है?
राजस्थान मेडिकल काउंसिल (Rajasthan Medical Council – RMC) एक वैधानिक निकाय है जो राजस्थान राज्य में मेडिकल प्रैक्टिशनर्स (चिकित्सकों) को पंजीकृत करने, नियमन करने, और उनके कार्यों की निगरानी रखने के लिए गठित की गई है।
यह संस्था ‘भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956’ (अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम) और संबंधित राज्य अधिनियमों के तहत कार्य करती है।
राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) हर उस डॉक्टर को रजिस्ट्रेशन देती है, जिसने वैध मेडिकल कॉलेज से डिग्री ली हो और उसकी योग्यता प्रमाणित हो चुकी हो। इस रजिस्ट्रेशन के बिना डॉक्टर कानूनी रूप से इलाज, सर्जरी या दवा नहीं दे सकता।
RMC ऐसे फर्जी मामलों में डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त कर सकती है। मरीज के जान-माल के नुकसान की जिम्मेदारी सीधे प्रशासन और RMC की होती है।
रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना डॉक्टर किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में नौकरी नहीं कर सकता। मेडिकल इंश्योरेंस क्लेम, कानूनी मामलों या सरकारी योजनाओं में भागीदारी के लिए भी RMC नंबर जरूरी होता है।
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