मानसरोवर वीटी रोड, जयपुर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड पर चल रहे दैनिक भास्कर के अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में हर शाम संगीत और नृत्य की धूम मची हुई है। यह महोत्सव फूड लवर्स के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है!
महोत्सव में 28 से अधिक फूड स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ आपको भारत के विभिन्न राज्यों के विशेष व्यंजन मिलेंगे।
दक्षिण भारत का लेमन राइस और थट्टे इडली हो, या मुंबई का जिनी डोसा, कानपुर का कृष्ण भोग मक्खन हो, यहां अमृतसर, बनारस, वृंदावन, आगरा, इंदौर, नासिक, गुजरात, बिहार और कोलकाता के लाजवाब स्वाद भी उपलब्ध हैं।
इतना ही नहीं, यहां कई ऐसे व्यंजन भी मौजूद हैं जो मुकेश अंबानी, सलमान खान, आमिर खान, रानी मुखर्जी, सुनील शेट्टी और साउथ के सुपरस्टार यश जैसे सितारों को भी बेहद पसंद हैं!

कलकत्ता चाट की स्टॉल पर भी खास तरह का स्वाद मिलेगा। यहां 81 मसालों से चाट तैयार की गई है।
वृंदावन के इस जायके को पूरे देश में फैला चुके वृंदावन से आए विनोद पहलवान रबड़ी, पेड़ा, दाल-पूरी, खस्ता कचौरी और जलेबी जैसे व्यंजन लेकर पहुंचे हैं। उनके स्टॉल पर रबड़ी, पेड़ा, दाल-पूरी, खस्ता कचौरी और जलेबी जैसे व्यंजन उपलब्ध हैं, जिन्हें वे बांके बिहारी का प्रसाद मानते हैं। विनोद पहलवान वृंदावन के इस जायके को पूरे देश में फैला चुके हैं।
विनोद पहलवान ने कहा-

ऐसा कोई कोना नहीं, जहां हम नहीं गए। हम कलकत्ता, मुंबई सहित देश के बाहर भी अपनी मिठाइयां ले जा चुके हैं। कई सेलिब्रिटी भी हमारे स्वाद चख चुके हैं। बॉलीवुड में भी हमने मिठाई उपलब्ध करवाई है। जो कलाकार वृंदावन आता है, बांके-बिहारी के दर्शन करता है, वह हमारे यहां की मिठाई ज़रूर खाता है।

मुकेश अंबानी की पसंदीदा पत्ता चाट आगरा से आए शेफ अभय खास गोलगप्पे, आलू टिक्की और पत्ता चाट लेकर आए हैं। उनका दावा है कि उनकी पत्ता चाट मुकेश अंबानी को भी पसंद है। बेसन में डुबोकर फ्राई की गई यह पत्ता चाट सबसे ज्यादा मांग में रहती है, और इसे बनाने में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाता है। अभय बताते हैं कि मसाले भी आगरा से ही लाए गए हैं। हमने अंबानी परिवार को यह चाट खिलाई है और पूरे देश में अपनी चाट से लोगों को अपना मुरीद बनाया है।
कोलकाता की अनोखी चटनियां जयपुर में 1972 से अपनी दुकान चला रहे मुकेश, अपनी कलकत्ता चाट के लिए जाने जाते हैं। वे सचिवालय के पास अपनी शॉप चलाते हैं। मुकेश बताते हैं कि कलकत्ता चाट में दही बड़ा और चीला खास हैं। यह 81 सामग्रियों से बनता है, जिसमें गरम मसाले, मूंग की दाल और पाचक चीजें शामिल होती हैं। इसमें चना, उड़द, मोठ, या बेसन जैसी चीजों का प्रयोग नहीं किया जाता।
हमारी चटनियां भी स्पेशल हैं। हमारे पास खजूर-चवनप्राश की चटनी, चने-छोले-राजमा और दाना मेथी की चटनी, लहुसन (लहसुन), मिर्च की चटनी के साथ धनिया, पुदीना और पालक की चटनी भी उपलब्ध है। मेरे पिता ने 1972 में एमआई रोड पर जयपुर में शुरुआत की थी, तब नाश्ता 15 पैसे का था। आज इसकी कीमत 130 रुपए हो गई है।

आगरा से पानी-पताशी की स्टॉल पर भी यूनिक टेस्ट मिल रहा है।
साउथ सुपरस्टार यश को भी खिलाया है कर्नाटक से आए मल्लिकार्जुन डोसा और थट्टा इडली जैसे व्यंजन लेकर पहुंचे हैं। मल्लिकार्जुन ने बताया कि वे दक्षिण के मसालों और जायके को यहां लेकर आए हैं। “यहां सिर्फ आपको साउथ इंडियन फूड ही मिलेगा। डोसा, इडली, थट्टा इडली में आपको साउथ इंडिया की खुशबू मिलेगी। हमारे यहां बनाने वाले भी कर्नाटक के हुबली से आए हैं। वहां हमारा 25 साल पुराना रेस्तरां है।
जयपुर में भी साउथ इंडियन खाना मिलता होगा, लेकिन हम वहीं से आए हैं, वहां के मसालों के साथ और वहां के बनाने वालों के साथ। हमने सुपरस्टार यश को भी खाना खिलाया है। सलमान खान, सुनील शेट्टी, धीरूभाई अंबानी के घर पर भी हमने खिलाया है। थट्टा इडली अंबानी परिवार को बहुत पसंद है, यह पूरी तरह से चावल से बनती है। हमारे पास डोसा में पांच तरह की वैरायटी यहां मौजूद है।

वृंदावन से आए विनोद पहलवान रबड़ी, पेड़ा, दाल-पूरी, खस्ता कचौरी और जलेबी जैसे व्यंजन तैयार किए हैं।
पिछले 10-12 साल से अभिव्यक्ति का साथ सोलापुर से आए संजय बघेल ने बताया कि महाराष्ट्र से उनकी चटनी लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आती है। इसे सिंगा चटनी बोलते हैं, और इसे डालने के बाद स्वाद ही बदल जाता है। राजस्थान में तीखा कम पसंद किया जाता है, जबकि हमारे यहां थोड़ा ज्यादा होता है। इसलिए हम यहां के लोगों के लिए तीखे अंदाज में अपना स्वाद पेश करने आए हैं। सोलापुर में हमारा काम लगभग 25 साल पहले शुरू हुआ था। हम पिछले 10 से 12 साल से अभिव्यक्ति गरबा में आ रहे हैं, और यहां हमें हमेशा बेहतरीन रिस्पॉन्स मिलता है। पाव भाजी, वड़ा पाव, मिसल पाव और झुनका भाकर यहां उपलब्ध हैं।

पंजाब के स्वाद के साथ अमृतसरी छोले और कुल्चे भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
गुजरात से आए कारीगर, रो-मैटेरियल भी वहीं का नेहा सिंघी ने बताया कि उनके लिए यह त्योहार सोने पर सुहागा है, क्योंकि गरबा भी गुजरात से है और वे भी गुजरात का स्वाद लेकर आए हैं। गुजरात से खांडवी, फाफड़ा कढ़ी, सेव खमनी, खमन ढोकला, थेपला, चीज घुघरा सैंडविच और पतरा जैसे व्यंजन शामिल हैं।
एक बूथ पर सारे फ्लेवर मौजूद हैं। जयपुर में हमारे ‘लाफरान’ नाम से दो रेस्तरां भी हैं। हमारे जितने भी कारीगर हैं, वे विशेष रूप से गुजरात से आए हैं, और हमारा रो मटेरियल भी गुजरात से आता है। यदि आप पातरा मांगेंगे, तो आपको ऑथेंटिक पातरा मिलेगा, क्योंकि उसके पत्ते गुजरात से आते हैं। फाफड़ा का आधा मटेरियल भी गुजरात से आता है।

कर्नाटक से आए मल्लिकार्जुन डोसा और थट्टा इडली जैसे व्यंजन लोगों को खिला रहे हैं।
आमिर खान और रानी मुखर्जी का फेवरेट पंजाब से आए अजय दर्शन ने बताया कि अमृतसरी नान के साथ मूली वाली चटनी, प्याज की चटनी और अमृतसरी छोले मिलते हैं। छोले हम अमृतसर से लेकर आए हैं और जयपुर में इनको पकाया है। अमृतसर में हमारा इसी काम का रेस्तरां है। अभिव्यक्ति में हमें हमारे स्वाद की वजह से बुलाया जाता है, और हम तीन-चार साल से आ रहे हैं। चने, मसाले, और इमली हम साथ लेकर ही आते हैं। यहां आकर हम इन्हें तैयार करते हैं, और यहीं तंदूर और सब्जियां लेते हैं।
बाकी सारा जायका पंजाब का है। हम देसी घी तक पंजाब से लेकर आए हैं, ताकि स्वाद में कोई बदलाव न आए। आमिर खान के फंक्शन में हम यह स्वाद ले जा चुके हैं। रानी मुखर्जी को भी हमारे अमृतसरी छोले-कुल्चे पसंद आए थे।
इसके अलावा, हमने बड़ी-बड़ी शादियों में इस जायके को परोसा है। देश के बाहर कई अलग-अलग देशों में भी हमने इस जायके से दिल जीता है। डेस्टिनेशन वेडिंग्स में हमारी डिमांड रहती है। कुल्चे में कई तरह की वैरायटी है, जैसे प्याज का कुल्चा, गोभी का कुल्चा, आलू का कुल्चा, और भी कई तरह के कुल्चे यहां मौजूद हैं।
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