जयपुर का नरैना इलाका
बुधवार की रात थी। नौ बजे का वक्त था। काम से लौटकर पिता घर से बाड़े की ओर जा रहे थे। छोटा बेटा और बेटी भी साथ जाने की जिद करने लगे। पिता बेटे को साथ लेकर बाड़े की ओर चले गए।
रात 10 बजे लौटे तो 4 साल की बेटी घर पर नहीं थी। पिता ने मां से पूछा। मां बोली- वो आपके पीछे-पीछे ही तो गई थी। इस पर पिता ने जवाब दिया- मेरे साथ नहीं गई थी। हड़बड़ाहट में पिता फिर से बाड़े में गए, लेकिन मासूम वहां नहीं मिली।
शुरुआत में लगा कि बच्ची आसपास किसी के घर चली गई होगी। थोड़ी देर में आ जाएगी। काफी देर तक मासूम नहीं लौटी तो मां-बाप की घबराहट बढ़ गई। घर के आसपास मासूम बेटी को तलाश की। पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन बच्ची का पता नहीं चला।

काफी तलाश के बाद भी बच्ची नहीं मिली तो माता-पिता की बेचैनी बढ़ गई। -फोटो एआई जनरेटेड
कुछ देर बाद आसपास के बच्चों से मासूम के घर से कुछ दूर लूणवा वालों का मोहल्ला आजाद चौक जाने की जानकारी मिली। परिजन दौड़ते-हांफते वहां गए, लेकिन वहां भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। रात के ढाई बज गए थे। मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
गांव के बड़े-बुजुर्गो ने कहा कि बच्ची कहीं सो गई होगी। सुबह तक वापस लौट आएगी। परिजन घर चले गए। सुबह छह-सात बजे तक बच्ची का इंतजार किया, लेकिन वो नहीं लौटी। जैसे जैसे देर होने लगी मासूम बच्ची के परिजनों को बच्ची की चिंता सताने लगी। मासूम बच्ची की तलाश में 12 घंटे से भी ज्यादा का समय बीत गया,लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। मासूम छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। वो पांच बहनें और एक भाई था।
12 घंटे बाद भी बच्ची का कहीं कुछ पता नहीं चला तो घरवालों ने 12 अगस्त को पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की।

घरवालों के अलावा गांव के लोगों ने भी तलाश की, लेकिन बच्ची का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। -फोटो एआई जनरेटेड
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि भावसा-कन्दवेली मार्ग पर स्थित तालाब में किसी 4-5 साल की बच्ची का शव मिला है। एक पशु चरवाहे ने शव देखकर पुलिस को फोन किया था। सूचना मिलने पर मासूम का पिता भी तालाब पर पहुंच गया। पुलिस ने पिता को बच्ची का शव दिखाया। शव देखकर पिता बेसुध हो गया। वो उसी की बेटी थी। तो उसने उसकी शिनाख्त की।
गुमशुदगी का मामला अब मर्डर केस बन गया था। पुलिस टीम तेजी से हरकत में आई। मौके पर एफएसएल, डॉग स्क्वायड को बुलाकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बच्ची के शरीर पर पूरे कपड़े नहीं थे। मासूम की दायीं आंख के ऊपर खून और बायें कान के ऊपर रगड़ के निशान थे। प्राइवेट पाट्र्स पर भी खून था। प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन में मामला रेप और मर्डर का लग रहा था।
मासूम का शव मिलने का पता चलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मासूम के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या की आशंका ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया। लोग अस्पताल में जुटना शुरू हो गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव परिजनों को सौंपना चाहा। परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तार तक शव लेने से इनकार कर दिया।

भावसा-कन्दवेली मार्ग पर स्थित तालाब से बच्ची का शव मिला। -फोटो एआई जनरेटेड
मासूम से दुष्कर्म और हत्या की आशंका के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में सामने आया कि मासूम की हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य किया गया था। आंखों और चेहरे पर चोट के निशान थे। पीठ पर भी खरोंच के निशान थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने-प्रदर्शन शुरू कर दिए। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी आरोपी तक पहुंचना।
आखिर कौन था रेपिस्ट-हत्यारा? पुलिस कैसे उस तक पहुंची?
कल राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में पढ़िए इन दोनों सवालों के जवाब…

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