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जैसलमेर। आसमान में बादलों की आवाजाही से 2 डिग्री गिरा तापमान।

जैसलमेर जिले भर में शुक्रवार को मौसम सुहावना रहा। सुबह से ही बादल छाए रहे। वहीं दिन भर हवाएं चलती रही। जिससे उमस का असर खत्म हो गया। वहीं लोगों को गर्मी से भी राहत मिली। लोग बादलों को देख अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन बादल बरसे नहीं और लो

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मौसम विभाग ने आगामी चार दिन तक जिले में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी 5-6 दिन मानसून ट्रफ लाइन के सामान्य से उत्तर की ओर शिफ्ट होने से राज्य के उत्तर व उत्तर-पूर्वी भागों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने तथा दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है।

पश्चिमी जिले जैसलमेर में चार दिन बादल छाए रहेंगे। लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है।

बादल छाने और हवाएं चलने से उमस व गर्मी से मिली राहत।

बादल छाने और हवाएं चलने से उमस व गर्मी से मिली राहत।

  • उमस से मिली राहत, पारा 2 डिग्री गिरा- जैसलमेर शहर में हवाएं चलने से पिछले 2 महीने से उमस से बेहाल लोगों को राहत मिली। वहीं दिन के पारे में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। पिछले दिनों नाचना नहरी क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई थी। जबकि जिले का अधिकांश क्षेत्र सूखा रहा। ऐसे में किसान भी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जहां बुवाई नहीं हुई है वहां समय रहते बुवाई की जा सकें। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.9 व न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया।
  • आने वाले चार दिन मौसम साफ रहेगा-मौसम विभाग ने आगामी चार दिन तक जिले में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी 5-6 दिन मानसून ट्रफ लाइन के सामान्य से उत्तर की ओर शिफ्ट होने से राज्य के उत्तर व उत्तर-पूर्वी भागों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने तथा दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। पश्चिमी जिले जैसलमेर में चार दिन बादल छाए रहेंगे। लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है।
  • कम बारिश से किसान चिंतित-जिले भर में इस बार मानसून की बारिश कम हुई है। ऐसे में किसान चिंतित हैं। पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखे तो जिले में जुलाई तक औसत से अधिक बारिश हुई थी। लेकिन इस बार औसत 215 एमएम के मुकाबले 143 एमएम औसत बारिश हुई है। जिसका असर खरीफ बुवाई पर पड़ा है। इस बार 7.53 लाख हेक्टेयर पर खरीफ बुवाई के लक्ष्य के मुकाबले 75 प्रतिशत बुवाई हुई है।



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