भारतीय रेलवे के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने सनातन आस्था से जुड़े श्रद्धालुओं की मांग को ध्यान में रखते हुए एक विशेष धार्मिक यात्रा ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन “पुरी–गंगासागर–अयोध्या धाम यात्रा” के नाम
लोगों के बजट को ध्यान में रखकर बनाया गया पैकेज
आईआरसीटीसी, जयपुर के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश सैनी ने बताया कि यह भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसमें इकॉनमी AC और NON AC कोच, आधुनिक किचन-कार, बायो टॉयलेट्स सहित अन्य कई प्रावधान किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा और बजट को ध्यान में रखते हुए यात्रा को तीन श्रेणियों इकॉनमी, स्टैंडर्ड और कंफर्ट में बांटा गया है।
तीन कैटिगरी में बांटा गया है
आईआरसीटीसी ने पैकेज के मूल्य को भी संतुलित रखने की कोशिश की है।
- इकॉनमी कैटिगरी का मूल्य 24,560 रुपए रखा गया है। इसमें नॉन-एसी ट्रेन यात्रा, नॉन-एसी आवास और नॉन-एसी बसों की व्यवस्था होगी।
- स्टैंडर्ड कैटिगरी का मूल्य 34,500 रुपए है, जिसमें एसी ट्रेन यात्रा, नॉन-एसी आवास और नॉन-एसी बसों की सुविधा दी जाएगी।
- कंफर्ट कैटिगरी का मूल्य 45,275 रुपए रखा गया है। इसके तहत एसी ट्रेन, एसी आवास और एसी बसों का पूरा आराम यात्रियों को मिलेगा।
इस पैकेज में यात्रियों को यात्रा के दौरान कन्फर्म बर्थ, होटल-आवास, खानपान सेवा, ट्रांसपोर्टेशन और मंदिर दर्शन जैसी तमाम सुविधाएं दी जाएंगी। इतना ही नहीं, इसमें बीमा सुविधा भी शामिल है। सरकार एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी इस यात्रा पर वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एलटीसी (लीव ट्रैवल कन्सेशन) सुविधा का लाभ भी उठा सकेंगे।
एक साथ सभी जगह जाना संभव नहीं
अपर महाप्रबंधक (पर्यटन) योगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि इस यात्रा को किसी भी तरह से साधारण नहीं कहा जा सकता। उनका कहना है कि “किसी भी व्यक्ति का एक साथ इतने धार्मिक स्थलों का दर्शन करना लगभग असंभव है। यह पैकेज श्रद्धालुओं के लिए सचमुच एक सुनहरा अवसर है।”
दरअसल, इस यात्रा में जगन्नाथ धाम जैसे चारधाम के प्रमुख स्थल से लेकर गंगासागर जैसे पवित्र तीर्थ और अयोध्या में भगवान श्रीराम के नवनिर्मित भव्य मंदिर तक सब कुछ शामिल है। इसके साथ ही गया, वाराणसी और बैद्यनाथ धाम जैसे धार्मिक महत्व वाले स्थान भी हैं। इस कारण यह यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद अनोखी कही जा सकती है।
यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार होगा
- 4 अक्टूबर – ट्रेन उदयपुर से रवाना होगी और चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, जयपुर और सवाई माधोपुर से यात्रियों को लेकर आगे बढ़ेगी।
- 6 अक्टूबर – पुरी पहुंचकर जगन्नाथ धाम के दर्शन करवाए जाएंगे। रात का विश्राम पुरी में होगा।
- 7 अक्टूबर – प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर के दर्शन के बाद ट्रेन कोलकाता के लिए रवाना होगी।
- 8 अक्टूबर – कोलकाता पहुंचकर यात्रियों को बसों द्वारा गंगासागर तीर्थ ले जाया जाएगा। यहां पवित्र स्नान और दर्शन के बाद रात का विश्राम होगा।
- 9 अक्टूबर – यात्रियों को कोलकाता लाया जाएगा जहां काली घाट मंदिर के दर्शन होंगे। इसके बाद ट्रेन जसडीह के लिए रवाना होगी।
- 10 अक्टूबर – जसडीह पहुंचकर बैद्यनाथ धाम मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। दर्शन के पश्चात गया के लिए ट्रेन प्रस्थान करेगी।
- 11 अक्टूबर – गया पहुंचकर महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर के दर्शन होंगे। इसके बाद वाराणसी के लिए ट्रेन रवाना होगी।
- 12 अक्टूबर – वाराणसी पहुंचकर यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर और कॉरिडोर, काशी विशालाक्षी, अन्नपूर्णा देवी मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। साथ ही गंगा आरती का दिव्य अनुभव भी मिलेगा। यात्रियों का रात्रि विश्राम वाराणसी में होगा।
- 13 अक्टूबर – वाराणसी से रवाना होकर ट्रेन अयोध्या पहुंचेगी। यहां नवनिर्मित रामलला मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन होंगे। दर्शन के पश्चात ट्रेन उसी रात उदयपुर के लिए प्रस्थान करेगी।
15 अक्टूबर – यात्रा का समापन उदयपुर में होगा।
किचन कार से लेकर बायो टॉयलेट्स तक की सुविधा
आईआरसीटीसी ने यात्रियों की हर जरूरत का ध्यान रखा है। ट्रेन में आधुनिक किचन-कार की सुविधा होगी, जिससे यात्रा के दौरान यात्रियों को ताजा और स्वच्छ भोजन मिलेगा। बायो टॉयलेट्स की सुविधा यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाएगी। इसके अलावा आवास और परिवहन की व्यवस्था भी यात्रियों की चुनी हुई श्रेणी के अनुसार की जाएगी।

यह यात्रा ट्रेन से करवाई जाएगी।
IRCTC की वेबसाइट से हो सकती है बुकिंग
आईआरसीटीसी ने यात्रियों की सुविधा के लिए बुकिंग प्रक्रिया भी बेहद सरल रखी है। इच्छुक यात्री इस पैकेज की बुकिंग आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.irctctourism.com पर कर सकते हैं। चूंकि यह यात्रा धार्मिक दृष्टि से बेहद लोकप्रिय स्थलों को जोड़ती है, ऐसे में इसके प्रति श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
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