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2016 बैच के आईपीएस अधिकारी एसपी दिगंत आनंद।

पिछले करीब ढाई माह में शहर में अपराधों एका ग्राफ गिरा है। इसका श्रेय 2016 के आईपीएस अधिकारी एसपी दिगंत आनंद को जाता है। उन्होंने 23 जुलाई को भरतपुर एसपी का पदभार संभाला और तभी से जिले की पुलिसिंग का चेहरा बदल गया। उन्होंने साफ कर दिया कि पुलिसिंग में

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भास्कर सवालः महिला पर अत्याचार ज्यादा, इस दिशा में आपकी क्या रणनीति है?

महिला सुरक्षा हमारा जिम्मेदारी, हर महिला समाज में खुद को सुरक्षित महसूस करे इसी को लक्ष्य बनाकर कर रहे हैं काम

Q आपने पुलिस सर्विस को अपने कॅरियर के रूप रूप में में क्यों क्यों चुना? क्या बचपन या युवावस्था से इसके लिए कोई प्रेरणा A भारतीय पुलिस सेवा करियर के तौर पर सर्वोच्च विकल्पों में से है। बचपन से मैंने देखा कि समाज में न्याय और सुरक्षा सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। युवावस्था में देश की सेवा करने का विचार मजबूत हुआ और ऐसा पाया कि इस सेवा में प्रदेश व देश में न्याय और सुरक्षा सुदृढ़ करने के व्यापक अवसर हैं।

Q आप पुलिस की ड्यूटी को समाज की सेवा के नजरिए से कैसे देखते हैं? A पुलिस की असली पहचान जनसेवा है। हर शिकायत, हर सूचना जनता की मदद का अवसर है। सुरक्षा सुनिश्चित करना, न्याय दिलाना और शांति बनाए रखना समाज सेवा के ही अंग हैं। हम चौबीसों घंटे जनता के भरोसे पर खरे उत्तरने का प्रयास करते हैं और यह आगे भी जारी रहेगा।

Q जिले की सामाजिक या अपराध संबंधी समस्या क्या है? क्या रणनीति है? A युवाओं का अपराध की ओर उन्मुख होना बड़ी समस्या है। तीन स्तर निवारण, जागरुकता और सख्त कार्रवाई के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं।

Q लोग शिकायत लेकर थाने जाते हैं, सुनवाई नहीं होती तो क्या करना चाहिए? भ्रष्टाचार रोकने की क्या नीति है? A शिकायत दर्ज करना हमारी जिम्मेदारी है। कहीं लापरवाही हो, तो कंट्रोल रूम या मेरे कार्यालय में संपर्क करें। ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन उपलब्ध हैं। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी नीति जीरो टॉलरेंस है।

Q पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं? A सीसीटीएनएस, ई-एफआईआर और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे टूल्स से पारदर्शिता बढ़ रही है। थानों में सीसीटीवी निगरानी और शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम लागू हैं, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है। अपराध को हर हाल में कम करना हमारी जिम्मेदारी है और इसे पूरी तत्परता से कर भी रहे है।

Q आईपीएस के रूप में आपकी सबसे बड़ी चुनौती क्या क्या रही, आपने कैसे समाधान किया? A सबसे बड़ी चुनौती भीड़ और तनावपूर्ण माहौल में शांति बनाए रखना है। इसने मुझे धैर्य और संवाद की ताकत सिखाई। मैंने सीखा कि हर संकट का समाधान बातचीत और ठोस रणनीति से निकलता है।

Q महिला सुरक्षा की स्थिति सुधारने के लिए क्या प्रयास हैं? A महिला सुरक्षा प्राथमिकता है। महिला हेल्पलाइन, महिला डेस्क, कालिका पेट्रोलिंग और स्कूल-कॉलेज स्तर पर सुरक्षा संवाद कार्यक्रम चलाए जा रहे है हर महिला यह महसूस करें कि पुलिस हमेशा उसके साथ है, यही लक्ष्य है।



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