राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर आज उदयपुर के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र का दौरा किया। बागड़े ने अपना पूरा पहला साल आदिवासी और जनजातीय समुदाय के कल्याण को समर्पित किया है। हरिभाऊ बागड़े ने 31 जुलाई 2024 को राज्यपाल पद की शपथ
उदयपुर के कोटड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिलवन में राज्यपाल पहुंचे। यहां पर लोगों ने परंपरागत तीर-कमान भेंट कर उनका स्वागत किया, जबकि ग्रामीणों ने पारंपरिक गैर नृत्य प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया। राज्यपाल ने जनजातीय लोगों से बातचीत की। समुदाय के उत्पादों और किए जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी ली।
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि आदिवासी समाज ने महाराणा प्रताप को मुगलों के साथ युद्ध में महत्वपूर्ण सहायता की। आदिवासी समाज से जुड़े कई महापुरुषों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के इन महान लोगों के योगदान को हमें भूलना नहीं है। जिस प्रकार राणा प्रताप आज भी हमारे दिल में हैं, वैसे ही इन सभी को भी याद रखना है। कहा कि शिक्षा से ही सतत उत्थान का मार्ग प्रशस्त हो सकता है, इसलिए अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।

उदयपुर के कोटड़ा के गांव में सरपंच शंकरलाल गमार और सुरेश खेर ने राज्यपाल को तीर-कमान भेंट किया।
राज्यपाल पाल ने कहीं ये 3 बड़ी बातें….
- राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान में एक कहावत है “पूत सिखावे पालने, मरण बड़ाई माय” यहां बच्चा पालने से ही सीखना प्रारंभ कर देता है। अच्छी शिक्षा के लिए सरकार ने आवासीय छात्रावास बनाएं हैं, जिनका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। यहां के बच्चे बड़े अधिकारी बनें। गरीबी दूर करने का एकमात्र मार्ग शिक्षा है।
- भारत रत्न बाबा साहेब अम्बेडकर का उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने शिक्षा के माध्यम से ही देश-दुनिया में नाम रोशन किया। आप किसी से कम नहीं हैं, स्वयं को किसी से कम न आंकें। आप भी पढ़ाई के माध्यम से उच्च पदों तक पहुंच सकते हैं। राज्यपाल ने सभी से नशे से दूर रहने की अपील की। कहा कि व्यसनमुक्त परिवार के बच्चे ही आगे बढ़ सकते हैं।
- राज्यपाल ने बताया कि किसान सम्मान निधि और आरोग्य योजना के माध्यम से भारत के गरीब और आदिवासी समुदाय के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों के माध्यम से उच्च स्तर की शिक्षा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है।
अब देखिए, कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS…

कार्यकाल का एक साल पूरा होने उदयपुर के कोटड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिलवन में राज्यपाल पहुंचे।

आदिवासी कलाकारों ने लोक संस्कृति की झलक कार्यक्रम में दिखाई।

राज्यपाल ने जनजातीय लोगों से बातचीत की। समुदाय के उत्पादों और किए जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी ली।

कथौड़ी कलाकारों ने अपने परंपरागत लोक नृत्य से समां बांधा।
दूरदराज के गांवों में आकर बात करने वाले पहले राज्यपाल कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने राज्यपाल की सराहना करते हुए कहा कि वे जनजाति समुदाय के उत्थान के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते हैं। उन्होंने बताया कि बागड़े दूरदराज के गांवों में जाकर आमजन से बात करने वाले पहले राज्यपाल हैं। खराड़ी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कोटड़ा जैसे सुदूर क्षेत्र की तस्वीर सकारात्मक रूप से बदली है। “पहले जहां जंगलों से लकड़ी लाकर भोजन बनाना पड़ता था, वहां अब गैस चूल्हों से खाना बन रहा है।”
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