हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह फिर से शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनका विवाह 22 सितंबर को चंडीगढ़ में होगा। विक्रमादित्य सिंह की शादी पंजाब की अमरीन कौर से तय हुई है।
अमरीन कौर चंडीगढ़ के सेक्टर-2 निवासी सरदार जोतिंद्र सिंह सेखो और सरदारनी ओपिंद्र कौर की बेटी हैं। वह पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में साइकोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।
विक्रमादित्य की यह दूसरी शादी है। इससे पहले उनकी मैरिज सुदर्शना से 8 मार्च 2019 को हुई थी। सुदर्शना चूंडावत राजसमंद की आमेट रियासत से संबंध रखती हैं। मनमुटाव के चलते दोनों का करीब दो महीने पहले तलाक हो गया है। इस तलाक के बाद विक्रमादित्य सिंह ने दोबारा शादी करने का फैसला किया है।
विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण विधानसभा से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं और वह छह बार के सीएम रहे वीरभद्र सिंह के बेटे हैं।
शादी का कार्ड भी सामने आया…

यहां विक्रमादित्य की पहली शादी के बारे में जानिए….
मार्च 2019 में हुई थी शादी, मनमुटाव के चलते मायके गई
विक्रमादित्य और सुदर्शना की शादी 8 मार्च 2019 जो जयपुर में हुई थी। इसके बाद दिल्ली से लेकर शिमला व रामपुर तक जगह जगह नेताओं, रिश्तेदारों और जनता के लिए धाम का आयोजन किया गया। शादी के बाद सुदर्शना करीब डेढ़-दो साल काफी समय तक विक्रमादित्य सिंह के साथ रही।
इसके बाद पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई। साल 2021 में सुदर्शना ने विक्रमादित्य सिंह पर चंडीगढ़ की एक युवती से संबंध रखने के भी आरोप लगाए। मनमुटाव बढ़ने के बाद वह अपने माता-पिता के पास जयपुर लौट गई।
अक्टूबर 2022 में उदयपुर कोर्ट में घरेलू हिंसा एक्ट के तहत सुदर्शना ने केस किया। दो महीने पहले ही कोर्ट से दोनों का तलाक हुआ।

पहली पत्नी सुदर्शना के साथ विक्रमादित्य। साथ ही पिता वीरभद्र सिंह और माता प्रतिभा सिंह। (फाइल फोटो)
सास, ननद और ननदोई पर भी लगाया था आरोप, कोर्ट में डाली थी याचिका
सुदर्शना ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके ससुर एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मौत के बाद पति विक्रमादित्य सिंह उन्हें प्रताड़ित करने लगे। उनकी सास प्रतिभा सिंह, ननद अपराजिता और ननदोई अंगद सिंह भी विक्रमादित्य सिंह का साथ देते थे। इसके बाद विक्रमादित्य सिंह ने उनके खिलाफ दायर याचिका को निरस्त करने की एप्लिकेशन दी थी।
कोर्ट ने दिए थे 4 लाख रुपए महीने देने के अंतरिम आदेश
राजस्थान के उदयपुर की फैमिली कोर्ट ने दो साल पहले अंतरिम आदेश पारित किए करते हुए विक्रमादित्य सिंह को अपनी पत्नी सुदर्शना को हर महीने 4 लाख रुपए देने के आदेश दिए थे। लेकिन केस चलता रहा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लंबा केस चलने के बाद में दोनों में अब जाकर तलाक हो गया।
कैसे हुई दोनों में दोस्ती
राजनीति में आने से पहले विक्रमादित्य सिंह का चंडीगढ़ आना-जाना लगा रहता था। इस दौरान उनकी चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रही अमरीन कौर से दोस्ती हुई। यह दोस्ती आठ-नौ साल पुरानी बताई जा रही है। विक्रमादित्य सिंह और सुदर्शना के बीच घरेलू हिंसा का केस चलने के बाद दोनों ने शादी का फैसला लिया। अब तलाक होते ही शादी की डेट फिक्स कर दी गई है।

मंडी लोकसभा सीट से अभिनेत्री कंगना रनोट से चुनाव हार गए थे विक्रमादित्य कांग्रेस ने बीते साल मंत्री विक्रमादित्य सिंह को मंडी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया। तब वह बीजेपी की कंगना रनोट से चुनाव हार गए थे। कंगना रनोट ने विक्रमादित्य सिंह को 74755 वोटों के अंतर से हराया। कंगना को कुल 5,37, 022 वोट मिले, जबकि विक्रमादित्य सिंह 4,62,267 मत मिले थे। कंगना और विक्रमादित्य में मुकाबले ने पूरे देश में मंडी सीट को हॉट बना दिया था।

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