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शेखावाटी की ऐतिहासिक-कलात्मक हवेलियों का जीर्णोद्धार कर उनके संरक्षण के लिए अब सेठ-साहूकार और राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के तहत अब तक 24 हवेलियों का जीर्णोद्धार कर उन्हें संवारा जा चुका है। इनमें से रामगढ़ में जेएन

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जरूरत पड़ी तो निकायों के भवन विनियम बदलेंगे

  • राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हवेलियों के पुनरुद्धार व संरक्षण के लिए जरूरी हो तो नगर निकायों के भवन निर्माण विनियम बदले जाएं।
  • कई हवेलियां निजी स्वामित्व में हैं, वहां गैर लाभकारी संस्थाएं देखरेख करेंगी।
  • टिकटिंग, टूर गाइड, होम-स्टे, शिल्प कार्यशाला आदि की आय से देखरेख होगी।

गोयनका-पोद्दार ने कहा- पुरखों की हवेलियों को संभालें नई पीढ़ियां

  • मंडावा के गोयनका चौक में 200 वर्ष पहले गोयनका परिवार ने हवेली बनवाई थी। इसे रिनोवेट किया गया है। उधमी मनीष गोयनका ने बताया- हम पांचवीं पीढ़ी के हैं और हवेली को खुद संभाल रहे हैं। सभी को अपने पूर्वजों की हवेलियों की सार-संभाल करनी चाहिए।
  • नवलगढ़ में 1902 में निर्मित पोद्दार हवेली अब संग्रहालय बना दी गई है। परिवार रखरखाव कर रहा है। राजीव के. पोद्दार का कहना है- क्षेत्र में यह हवेली लैंडमार्क बन चुकी है। इसे देखने हजारों पर्यटक आते हैं।

दीया कुमारी ने कहा- विरासत का संरक्षण हमारी प्राथमिकता

“हवेलियां हमारी अनूठी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं, इन्हें भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना हमारी प्राथमिकता है। सरकारी प्रयासों के साथ हम जन भागीदारी व हितधारकों के सहयोग से विरासत को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। विभाग चुनिंदा हवेलियों को मॉडल हेरिटेज साइट्स के रूप में विकसित कर रहा है।”

-दीया कुमारी,उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री



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