मौके पर मौजूद ग्रामीण और पुलिस।
भिवानी जिले के ढाणी टोडा गांव में एक 10 वर्षीय बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना लोहारू-भिवानी नेशनल हाईवे पर स्थित गांव में हुई। जिससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बच्चे की पहचान कैलाश के रूप में हुई है। बुधवार रात करीब 10 बजे परिजनों ने उसके लापता होने की सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी थी। लोहारू पुलिस ने तुरंत सक्रिय होकर आसपास के क्षेत्रों और पहाड़ी माता मंदिर मेले में तलाश अभियान चलाया।

तालाब से निकाला बच्चे का शव।
सरपंच ने पुलिस को दी सूचना
गुरुवार सुबह लोहारू के सरपंच रमेश ने पुलिस को ढाणी टोडा के तालाब में एक बच्चे का शव दिखने की सूचना दी। सूचना मिलते ही लोहारू डीएसपी संजीव कुमार और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जरनैल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को तालाब से बाहर निकाला गया और परिजनों ने उसकी शिनाख्त कैलाश के रूप में की।
पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच के लिए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। मृतक कैलाश मूल रूप से डीडवाना, राजस्थान का निवासी था और वर्तमान में ढाणी टोडा में अपने मामा जगदीश के पास रह रहा था, जो भेड़ पालन का काम करते हैं।
पैर फिसलने से तालाब में गिरा बच्चा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार को कैलाश अपने मामा जगदीश और सेठाराम के लिए खाना लेकर गया था। परिवारजनों के साथ कुछ देर बैठकर कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद वह शौच के लिए पास के तालाब के पास गया, जहां उसका पैर फिसल गया और वह पानी में डूब गया।

सूचना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण और पुलिस अधिकारी।
तालाब में मिला बच्चे का शव
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जरनैल सिंह ने बताया कि रात को पुलिस को बच्चे के लापता होने की शिकायत मिली थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कैलाश के मामा को साथ लेकर आसपास के गांवों और मंदिरों में बच्चे की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आज सुबह जब तालाब से शव मिला तो उसकी पहचान कैलाश के रूप में हुई। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सरपंच ने की चारदीवारी की मांग
इस घटना के बाद गांव के सरपंच रमेश ने संबंधित विभाग से मांग की है कि इस तालाब के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाई जाए और सड़क किनारे तारबंदी अथवा पक्की चारदीवारी की व्यवस्था हो, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जानलेवा दुर्घटना को टाला जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व इसी तालाब में लहसुन से भरा एक ट्रक पलट गया था, जो इस स्थान के खतरनाक होने का सबूत है।

इसी तालाब में डूबने से हुई बच्चे की मौत।
संबंधित विभाग से की कार्रवाई की मांग
वहीं, एडवोकेट शक्ति सिंह गाढ़ा ने कहा कि ढाणी टोडा का यह तालाब लोगों के लिए जान का खतरा बना हुआ है। इसकी चारदीवारी तक नहीं है और यह नेशनल हाईवे के बिल्कुल नजदीक स्थित है, जिस कारण हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। इस बारे में उन्होंने संबंधित विभाग को ईमेल कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
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