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गुर्जर नेता विजय बैंसला ने राज्य सरकार को एक बार फिर चेतावनी दी है।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने सरकार को एक बार फिर (गुर्जर आरक्षण को लेकर) चेतावनी दी है। उन्होंने कहा भरतपुर जिले के पीलू का पुरा में 8 जून को आयोजित हुई गुर्जर समाज की महापंचायत के बाद राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था, जिसमें कह
उन्होंने एक्स पर लिखा है कि 8 अगस्त 2025 के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति समाज के सामने समझौते की पालना की यथा स्थिति रखेगी। उस पर मंथन के बाद आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है
बैंसला ने लिखा है कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति और राज्य सरकार के बीच 8 जून 2025 को समझौता हुआ था। उसके 52 दिन पूरे हो गए हैं। निर्धारित 60 दिन की समय सीमा में 8 दिन शेष हैं। अभी तक एमबीसी समाज के मुद्दों का निपटारा नहीं हुआ है। समझौते की पालना नहीं होने से समाज में असंतोष बढ़ रहा है। हमें मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है, समय रहते वो समझौते की पालना करवाएंगे।
समाज के बीच जाकर चर्चा करेंगे
बैंसला ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि पीलूपुरा महापंचायत के दौरान राज्य सरकार ने समाज को आश्वासन दिया था। करौली जिला कलेक्टर के माध्यम से पत्र भिजवाया था, जिसमें कई वादे करते हुए लंबित मुद्दों का जल्द समाधान करने की बात कही थी। समझौते की अवधि (60 दिन) पूरे होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं, लेकिन सरकार ने कोई सकारात्मक एक्शन नहीं लिया है। ऐसे में अब समाज के बीच जाकर इस पर चर्चा करेंगे। उसके बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी।
सरकार ने इन मांगों पर दिया था कार्रवाई का आश्वासन
- गुर्जर आरक्षण आंदोलन से संबंधित मुकदमों का निपटारा 2023 में तय की गई प्रक्रिया के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक जिले में नोडल ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे। जिससे केसों का निपटारा जल्दी हो सकेगा।
- रोस्टर प्रणाली और लंबित भर्ती आदि से संबंधित विभागों से सूचना प्राप्त कर मंत्रीमंडल कमेटी बनाकर 7 दिन में गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा।
- एमबीसी आरक्षण संचालन की विधि के संदर्भ में मंत्रियों की कमेटी द्वारा गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के साथ 7 दिन में बैठक करके विचार किया जाएगा। आवश्यक होने पर विधिक राय लेकर निर्णय लिया जाएगा।
- स्वर्गीय रूपनारायण गुर्जर निवासी झींझन सिकंदरा के एक परिजन को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए मंत्रीमंडल समिति द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए पुन समीक्षा कर शीघ्र उचित अभिशंषा की जाएगी।
- मंत्रीमंडल समिति की बैठक हर 3 महीने के अंतराल पर की जाएगी, जिसमें गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधि आमंत्रित किए जाएंगे तथा इसकी प्रथम बैठक जून महीने के अंतिम सप्ताह में आयोजित की जाएगी।
- देवनारायण योजना व अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा प्रतिमाह की जाएगी तथा इसकी बैठक में आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा नामित प्रतिनिधि आमंत्रित किए जाएंगे।
- राज्य सरकार द्वारा 5% गुर्जर आरक्षण को नवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए कैबिनेट से प्रस्ताव अनुमोदित करके केंद्र सरकार को अनुरोध किया जाएगा।
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