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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि झालावाड़ स्कूल हादसे में जान गंवाने वाले या घायलों के परिजनों से मिलने में क्या मुख्यमंत्री को डर लगता है। मैं समझता हूं कि मुख्यमंत्री जी को भी यहां आकर स्कूल हादसे के पीड़ितों से मिलना चाहिए। मु
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने झालावाड़ अस्पताल पहुंचकर स्कूल हादसे में घायल बच्चों से मुलाकात की। डोटासरा ने अस्पताल में भर्ती 5 बच्चों से बात करते हुए उनके परिजनों से हाल-चाल जाने और तन मन धन से मदद करने का भरोसा दिया। उन्होंने सरकार को भी इस मामले में अवगत कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री के पास परिवेदना सुनने का समय नहीं इस दौरान डोटासरा ने सीएम भजनलाल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घायलों और पीड़ितों की जानकारी होने के बाद भी मुख्यमंत्री झालावाड़ नहीं आए। मुख्यमंत्री बनने के बाद आप हेलीकॉप्टर मिलने के बाद एक स्कूल में नहीं गए और 100 मंदिरों में पहुंचे, लेकिन आप झालावाड़ क्यों नहीं आए। सरकारी खर्चों से आप 100 मंदिरों में जा सकते हैं तो ये भी तो मंदिर ही है। आप अस्पताल में आ जाते। देश का दुर्भाग्य है कि बिना पर्ची के न तो मुख्यमंत्री बनता है न मिलने जाते हैं, जबकि कोटा में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के यहां आकर बैठ सकते हैं। चाय पकोड़े और गप्पे मार सकते हैं। ऐसे में बच्चों के परिवारों की परिवेदना सुनने का उनके पास समय नहीं है। सरकार किसी की भी हो। उनकी प्राथमिकता स्कूल के बच्चे होने चाहिए। यहां से ही हमारा कल का भारत निकलेगा।
सरकार की प्राथमिकता में हाल-चाल पूछना नहीं डोटासरा ने कहा कि सरकार ने जो मुआवजा दिया हुआ है। वह 100 प्रतिशत अपर्याप्त है। कोई मुआवजा है ही नहीं। सरकार की प्राथमिकता में हाल-चाल पूछना नहीं है। मुआवजे की बात तो बहुत बड़ी है। बच्चों की अंतेष्टि भी हम प्रोपर ढंग से नहीं करवा सकते, इससे बड़ा दुखद पहलू हमारे लिए और कुछ हो नहीं सकता। कहां लापरवाही हुई, कहां कमी हुई, अंतेष्टि में भी पुराने टायरों का इस्तेमाल करना पड़ा। ये जो हादसा है, यह हमें जिंदगी भर झकझोर कर रखेगा।
सिस्टम की लापरवाही से हुई हत्या डोटासरा ने कहा कि सिस्टम की लापरवाही से सात बच्चों की हत्या हो गई है। 7 घरों के कुलदीपक बुझ गए। इस हादसे से हर कोई स्तब्ध रह गया। सरकार यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि उनकी लापरवाही से यह हो गया। यह सभी पार्टियों के लिए गंभीर प्रश्न चिन्ह है कि हमारे स्कूलों में हमारे बच्चे 70 साल बाद भी सुरक्षित नहीं है। राजनीति से ऊपर उठकर हम सभी को यह सोचना चाहिए कि इस तरीके के हादसों की भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं हो। जो बच्चे चले गए, उनके मां-बाप पर क्या बीती होगी। यह वहीं जान सकते हैं। हम उन्हें सांत्वना देने आए हैं ना कि राजनीति करने आए हैं। हम तन मन धन से जो सहयोग होगा इन परिवारों को देंगे।
ऐसे मामलों में राजनीति नहीं सेवा करें गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जो लोग राजनीति कर रहे हैं, अब उनको समाज सेवा के लिए भी आगे आना होगा। अगर वह सेवा नहीं कर सकते तो राजनीति के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं। राजनीति में आने के दौरान इस प्रकार की शपथ होती है। मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि सरकार चाहे कोई भी हो। इस तरीके के हादसे भविष्य में ना हो। स्कूल हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए। केवल राजनीति ही करते रहेंगे तो कैसे हमें वोट मिलेगा।
विधानसभा में करेंगे इस मुद्दे पर चर्चा उन्होंने कहा कि इस मामले में विधानसभा में चर्चा करेंगे। जो बच्चे चले गए उनके परिजनों पर क्या बीती होगी। उनको संभल प्रदान करने के लिए वह झालावाड़ आए हैं। हादसे के 2 दिन बाद आता तो लोगों को लगता कि राजनीति करने आया हूं, लेकिन राजनीति नहीं अब समय आ गया है राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर सदन में चर्चा कराई जाए। इस मुद्दे पर स्पीकर के समक्ष चर्चा होगी।
झालावाड़ सर्किट हाउस में किया कार्यकर्ताओं ने स्वागत गोविंद सिंह डोटासरा बुधवार रात को झालावाड़ सर्किट हाउस पहुंचे थे। यहां उनके कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद गुरुवार सुबह कार्यकर्ताओं से मिले। इसके बाद झालावाड़ अस्पताल में बच्चों से मिलकर मनोहरथाना के पीपलोदी के लिए रवाना हो गए।
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