☜ Click Here to Star Rating



पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने एक्स पर लिखा- राहुल गांधी एक संवैधानिक पद पर हैं। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी से सबूतों के साथ चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए। चुना

.

इसके बाद भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने भी कुछ सीटों पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए पर चुनाव आयोग ने उनसे कोई शपथ पत्र नहीं मांगा।

अखिलेश यादव ने 18 हजार शपथ-पत्र सहित शिकायतों को सार्वजनिक किया

गहलोत ने लिखा- एक तरफ चुनाव आयोग राहुल गांधी से शपथ पत्र मांग रहा है। वहीं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को शपथ पत्र के साथ की गईं 18,000 शिकायतों और इनकी पावती (रिसीविंग) को सार्वजनिक किया है।

चुनाव आयोग का यह बर्ताव पक्षपाती है और विपक्षी दलों के खिलाफ है

गहलोत ने लिखा- यह आश्चर्य की बात है कि चुनाव आयोग ने शपथ पत्र के साथ दी गईं इन शिकायतों पर भी कोई जवाब नहीं दिया। अब चुनाव आयोग कह रहा है कि उसे कोई शिकायत नहीं मिली। चुनाव आयोग का यह बर्ताव पक्षपाती है। विपक्षी दलों के खिलाफ है। यह कहीं न कहीं चुनाव आयोग की भाजपा के साथ सांठगांठ को स्पष्ट कर रहा है।

सरकारी लापरवाही के कारण आरटीई में चयनित बच्चे दर-दर भटक रहे : गहलोत

गहलोत ने आरटीई में एडमिशन के मुद्दे पर राजस्थान सरकार को निशाने पर लिया। गहलोत ने एक्स पर लिखा- आज मेरे पास कई अभिभावक आए, जिन्होंने राइट टू एजुकेशन (RTE) को लेकर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि RTE की लॉटरी में चयनित होने के बावजूद उनके बच्चों को सेशन शुरू होने के बाद भी स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल रहा है। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, अन्यायपूर्ण है। क्योंकि शिक्षा बच्चों का मूलभूत अधिकार है।

चयनित बच्चों को स्कूल में दाखिला नहीं दिया तो आरटीई लॉटरी का मतलब क्या?

गहलोत ने लिखा- UPA सरकार RTE कानून बनाया था। ताकि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को भी निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिल सके। हमारी सरकार ने इसे लागू कर हजारों बच्चों का भविष्य संवारा लेकिन आज सरकार की लापरवाही के कारण वही बच्चे दर-दर भटक रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि अगर चयनित बच्चों को भी स्कूल में दाखिला नहीं मिलेगा तो फिर इस लॉटरी का क्या मतलब है? शिक्षा विभाग और सरकार की जिम्मेदारी है कि हर हाल में इन बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाएं।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading