पश्चिमी राजस्थान की जीवनदायिनी लूणी नदी के तट पर सोमवार शाम को पहली बार मरू गंगा आरती की गई। महंत परशुराम गिरी के नेतृत्व में आयोजित इस आरती में विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया। आरती में कई संत-महात्मा मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार
सरकार से नदी के संरक्षण की मांग
महंत परशुराम गिरी ने इस अवसर पर कहा- उन्हें काशी के दशाश्वमेध घाट और हरिद्वार की गंगा आरती जैसा अनुभव हुआ। उन्होंने सरकार से लूणी नदी के संरक्षण के लिए कदम उठाने की मांग की। इससे क्षेत्र के किसानों को खेती और सिंचाई में मदद मिलेगी।

आरती में हिस्सा लेने पहुंचे स्थानीय लोग
नदी से दूरी बनाए रखने की अपील
नदी में इस समय तेज बहाव है। महंत ने लोगों से पानी से दूरी बनाने और प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने दीप प्रवाहित कर क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की।
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