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जयपुर स्थित गणेश मंदिरों में सुबह से गणपति बप्पा मोरया…मंगल मूर्ति मोरया की गूंज रही। जयपुर में मोती डूंगरी गणेश मंदिर से लेकर, परकोटा गणेश मंदिर, नहर के गणेश और गढ़ गणेश मंदिरों में लाखों की संख्या में भक्त पहुंचें। गुरुवार को भगवान गणेश नगर भ्रमण

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गणेश चतुर्थी महोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह मंदिरों में मंगला आरती के साथ हुई। इसके बाद रिद्धि-सिद्धि के दाता के प्रथम दर्शन भक्तों को हुए। कहीं भगवान को सोने का मुकुट पहनाया गया है तो कहीं, राजसी वेशभूषा में गजानन नजर आएं।

भगवान गणेश को स्वर्ण मुकुट पहनाकर चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया

जयपुर के मोती-डूंगरी गणेश मंदिर में मंगलवार देर रात से भक्तों का लाइन में लगना शुरू हो गया था। सुबह से देर शाम तक मंदिर में भक्तों की भीड़ नजर आई।

जयपुर के मोती-डूंगरी गणेश मंदिर में मंगलवार देर रात से भक्तों का लाइन में लगना शुरू हो गया था। यहां भगवान गणेश को विशेष श्रृंगार में स्वर्ण मुकुट पहनाकर चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया।

महंत परिवार की ओर से तैयार कराया गया नौलखा हार भी गणपति को धारण करवाया गया है।

गणपति को 3100 किलो मेहंदी अर्पित की गई। यह मेहंदी पाली के सोजत से मंगवाई गई थी। पूजा के बाद मंगलवार रात 7:30 बजे से मंदिर परिसर के पांच स्थानों पर प्रसाद स्वरूप मेहंदी का वितरण किया।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पत्नी के साथ दर्शन करने पहुंचे। मोती डूंगरी गणेश मंदिर दर्शन करने पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की जनता को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा - आज भगवान गणेश का जन्मदिन है और हमें सब कुछ गणेश जी भगवान से प्राप्त होता है । इसलिए भगवान गणेश जी से यही प्रार्थना करता हूं कि हमारे राजस्थान में सम्पूर्ण समृद्धि हो।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पत्नी के साथ दर्शन करने पहुंचे। मोती डूंगरी गणेश मंदिर दर्शन करने पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की जनता को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा – आज भगवान गणेश का जन्मदिन है और हमें सब कुछ गणेश जी भगवान से प्राप्त होता है । इसलिए भगवान गणेश जी से यही प्रार्थना करता हूं कि हमारे राजस्थान में सम्पूर्ण समृद्धि हो।

सीएम ने मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में किए दर्शन

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पत्नी के साथ दर्शन करने पहुंचे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पत्नी के साथ मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में ढोक लगाई। इस दौरान ग्रेटर नगर निगम मेयर सौम्या गुर्जर भी साथ रही। मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने मुख्यमंत्री शर्मा के परिवार के नाम से विधिविधान से पूजा अर्चना करवाई। इसके बाद महंत कैलाश शर्मा ने सीएम और उनकी पत्नी को चुनरी ओढ़ाई।

मोदक चढ़ाए, पंचामृत से अभिषेक

जयपुर के गढ़ गणेश मंदिर में आज सुबह पंचामृत अभिषेक और पुष्प माला श्रृंगार किया गया। परंपरा अनुसार यहां गणपति बाल स्वरूप में विराजते हैं। सुबह 5 बजे मंगला आरती की गई, जिसमें सहस्त्र दुर्वा और सहस्त्र मोदक अर्पित किए गए। भक्त सुबह से देर शाम तक गणपति के दर्शन करने पहुंचें।

इस बार पर्यावरण बचाओ के संदेश के साथ लोग घरों पर मिट्टी के गणेश ही लेकर गए। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले पीओपी से बने गणेश जी की मूर्ति की खरीदारी कम हो गई है। जयपुर में मूर्ति बनाने वाले कारीगर भी अब मिट्टी के ही गणेश बेचते नजर आएं।

गणेशजी के साथ ही दोनों ओर विराजमान रिद्धि-सिद्धि के हाथ में सोने के कलश हैं। मंदिर के महंत नलिन शर्मा बताते हैं कि यह श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर करीब 252 वर्ष से ज्यादा पुराना है। जयपुर के राजा सवाई रामसिंह गलताजी से तीर्थ स्नान करके यहां दूध का अभिषेक करके अपनी गद्दी पर बैठते थे।

गणेशजी के साथ ही दोनों ओर विराजमान रिद्धि-सिद्धि के हाथ में सोने के कलश हैं। मंदिर के महंत नलिन शर्मा बताते हैं कि यह श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर करीब 252 वर्ष से ज्यादा पुराना है। जयपुर के राजा सवाई रामसिंह गलताजी से तीर्थ स्नान करके यहां दूध का अभिषेक करके अपनी गद्दी पर बैठते थे।

यहां सिंदूर की जगह दूध और सांप की यज्ञोपवीत चढ़ाई

सूरजपोल बाजार में स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति को सिंदूर की जगह दूध और सांप की यज्ञोपवीत चढ़ाई गई। यहां गणेशजी की बालरूप में सफेद रंग की प्रतिमा विराजमान है। इस प्रतिमा पर सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि दूध से अभिषेक किया जाता है। गणेशजी के साथ ही दोनों ओर विराजमान रिद्धि-सिद्धि के हाथ में सोने के कलश हैं। मंदिर के महंत नलिन शर्मा बताते हैं कि यह श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर करीब 252 वर्ष से ज्यादा पुराना है।

यहां देखें फोटोज

जयपुर के मोती-डूंगरी गणेश मंदिर में भगवान गणेश को विशेष श्रृंगार में स्वर्ण मुकुट पहनाकर चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया। महंत परिवार की ओर से तैयार कराया गया नौलखा हार भी गणपति को धारण करवाया गया है।

जयपुर के मोती-डूंगरी गणेश मंदिर में भगवान गणेश को विशेष श्रृंगार में स्वर्ण मुकुट पहनाकर चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया। महंत परिवार की ओर से तैयार कराया गया नौलखा हार भी गणपति को धारण करवाया गया है।

जयपुर बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश गणेश मंदिर में भगवान गणेश को अतिप्रिय मोदक का भोग लगाया गया। इसमें चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी और वनीला जैसे मोदक भी शामिल रहे।

जयपुर बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश गणेश मंदिर में भगवान गणेश को अतिप्रिय मोदक का भोग लगाया गया। इसमें चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी और वनीला जैसे मोदक भी शामिल रहे।

गणेश चतुर्थी के मौके पर बाजार में चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी और वनीला जैसे मोदक भी शामिल रहे।

गणेश चतुर्थी के मौके पर बाजार में चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी और वनीला जैसे मोदक भी शामिल रहे।

जयपुर के नहर के गणेश मंदिर में भगवान गणपति का सुबह 5 बजे मंगला आरती की गई। भगवान का 251 किलो पंचामृत से जन्माभिषेक किया ।

जयपुर के नहर के गणेश मंदिर में भगवान गणपति का सुबह 5 बजे मंगला आरती की गई। भगवान का 251 किलो पंचामृत से जन्माभिषेक किया ।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ मोतीडूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे। यहां महंत कैलाश शर्मा ने उनके परिवार के नाम से पूजा करवाई। मेयर सौम्य गुर्जर भी इस दौरान मौजूद रही।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ मोतीडूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे। यहां महंत कैलाश शर्मा ने उनके परिवार के नाम से पूजा करवाई। मेयर सौम्य गुर्जर भी इस दौरान मौजूद रही।

मंदिर में श्रद्धालु भगवान की अपने मोबाइल में फोटो खिंचते नजर आए।

मंदिर में श्रद्धालु भगवान की अपने मोबाइल में फोटो खिंचते नजर आए।



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