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ATS और ANTF की संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर ड्रग्स तस्करी में पूर्व NSG कमांडो को अरेस्ट किया है। तेलंगाना-ओडिशा से गांजा की तस्करी कर राजस्थान लेकर आने वाला पूर्व एनएसजी कमांडो पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। कट्टर दुश्मन से मिली जानकारी से कुख्यात
पुलिस महानिरीक्षक (एटीएस) विकास कुमार ने बताया- कुख्यात ड्रग्स तस्कर बजरंग सिंह (45) पुत्र भंवर सिंह निवासी शेखावटी फतेहपुर सीकर को अरेस्ट किया है। पिछले दो साल से फरार कुख्यात तस्कर बजरंग सिंह पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। वह तेलंगाना-ओडिशा से गांजे की तस्करी कर राजस्थान लेकर आता था। बड़ी खेप तस्करी कर राजस्थान लाने के बाद छोटे-छोटे हिस्से कर सप्लाई करता था। साल-2023 में तेलंगाना के हैदराबाद के पास 2 क्विंटल गांजा तस्करी के मामले में बजरंग सिंह अरेस्ट हो चुका है। उसके खिलाफ सीकर में भी केस दर्ज है, उसमें कई क्विंटल गांजा बरामद हुआ था।
एनएसजी कमांडो में हुई पोस्टिंग बजरंग सिंह ने 10वीं तक पढ़ाई करने के बाद मन नहीं लगने पर पढ़ाई छोड़ दी। कद-काठी अच्छी होने के चलते बीएसएफ में कॉन्स्टेबल के पर पर आसानी से जॉब लग गई। बीएसएम में रहते हुए पंजाब, आसाम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और राजस्थान में रहते हुए देश की सीमाओं की सिक्योरिटी और नक्सलवाद से जूझने का कर्तव्यपरायण परिचय दिया। पहलवान कद-काठी को देखते हुए जल्द ही अधिकारियों की निगाह में आ गया। उसका चयन आतंकवाद से निपटने वाली शीर्ष एनएसजी कमांडो टीम में हो गया। उसने 7 साल तक कमांडो के रूप में अपनी सेवाएं दी। साल-2008 में मुंबई में होटल ताज पर हुए आतंकवादी हमले (26/11) को निपटने वाली कमांडो टीम में शामिल था।
पत्नी को लड़ाया प्रधान का चुनाव साल-2021 में अर्द्धसैन्य सेवा बलों की अपनी सेवा से रिटायर्ड होकर बजरंग सिंह अपने गांव लौट गया। उसके बाद बजरंग ने राष्ट्रीय दल की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना शुरू कर दिया। बजरंग ने अपनी पत्नी को प्रधान का चुनाव भी लड़ाया, लेकिन चुनाव में जीत नहीं मिली। एक परिचित ने बजरंग को तेलंगाना से गांजे की तस्करी से होने वाले आर्थिक लाभों के बारे में बताया। ओडिशा में जॉब करने के चलते बजरंग को क्षेत्र की पूरी जानकारी थी। उसने कुछ दोस्तों को साथ लेकर दो साल में ही ड्रग्स तस्करी का कुख्यात सरगना बन गया। क्विंवटलों में गांजा की तस्करी करने लगा।
कुक को ढूंढा, मिला ठिकाने का पता पिछले करीब 2 महीने से ANTF की टीम कुख्यात तस्कर बजरंग की तलाश में जुटी थी। तस्कर बजरंग के कट्टर दुश्मन से जानकारी मिली कि बजरंग सिंह खाना बनाने के लिए विश्वस्त उड़िया कुक को हमेशा अपने साथ रखताहै। कुक का तस्करी से कुछ भी लेना-देना नहीं है, लेकिन वह बजरंग सिंह का विश्वस्त सेवक है। ANTF टीम ने कुक के रिश्तेदारों का कॉन्टैक्ट नंबर निकाल जांच की दिशा चुरू के रतनगढ़ जा पहुंची। ATS और ANTF टीम को रतनगढ के सर्च के बुलेट बाइक पर आते बजरंग जाते दिखा। टीम ने पीछा कर उसके छिपने के ठिकाने पर दबिश देकर धर-दबोचा।
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