रामलीला के मंचन में गले मिलकर राम-सुग्रीव मित्रता करते हुए।
टोंक जिला मुख्यालय गांधी पार्क में चल रही रामलीला के मंचन में लोगों की काफी भीड़ उमड़ रही है। कलाकारों ने सोमवार रात को श्री रामायण प्रचारक मंडल काशी के कलाकारों ने सोमवार को दण्डकारण्य प्रसंग, शबरी दर्शन, हनुमान मिलन और सुग्रीव-बाली युद्ध का सजीव चि
रामलीला मंडली के पंडित सुरेश कुमार ने बताया कि शारदीय नवरात्रा पर श्रीरामलीला व दशहरा महोत्सव समिति नगर परिषद टोंक के तत्वावधान में चल रही रामलीला को देखने के लिए दूर-दूर से लोग रंगमच मैदान गांधी पार्क पहुंच रहे है।

गांधी पार्क में चल रही रामलीला मंचन देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे है। महिलाओं की संख्या ज्यादा है।
राम-हनुमान संवाद को किया परफॉर्म
इस दौरान कलाकारों ने राम-हनुमान का संवाद दिखाया, प्रसंग कुछ ऐसे शुरू हुआ – जब सुग्रीव राम- लक्ष्मण को जंगल में देखते है तो भयभीत होकर श्री हनुमान को उनका भेद लगाने के लिए भेजते हैं। हनुमानजी जी साधु के वेश में श्रीराम का परिचय लेने जाते हैं, दोनों के बीच संवाद होने के बाद एक दूसरे को पहचान जाते है।
हनुमान जी की पहचान के बाद भगवान श्री राम जी हनुमान को गले लगाते हैं, और फिर हनुमान जी राम और लक्ष्मण को अपनी पीठ पर बिठाकर सुग्रीव के पास ले जाते हैं l इससे पहले कई सालों से श्रीराम का इंतजार कर रही शबरी को जब राम के दर्शन किए तो वह भावुक हो गई।

रामलीला मंचन में श्री राम और हनुमान जी का मिलन का दृश्य देखकर लोग भावुक से हो गए।
सुग्रीव ने मांगी राम से मदद
उधर सुग्रीव ने उसके भाई बाली की क्रूरता के बारे में बताकर मदद मांगी। सुग्रीव ने भगवान श्री राम से कहा –

आप मेरी मदद करो मैं आपकी मदद करूंगा।

उसके बाद श्री राम द्वारा मदद की बात कहने के बाद सुग्रीव बाली से युद्ध करता है। सुग्रीव और बाली के बीच हुए युद्ध के मंचन में कलाकारों ने बीच-बीच में हास्य का तड़का भी लगाया। दर्शक हंसे बिना नहीं रह सके और खूब तालियां बजाईं।

बाली – सुग्रीव में युद्ध के मंचन में कलाकारों ने थोड़ा हंसी मजाक का पुट दिया दर्शक हंसे बगैर नहीं रहे। दर्शकों ने खूब तालिया बजाई।
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