☜ Click Here to Star Rating


उदयपुर में श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड़ द्वारा हरतालिका तीज पर होने वाले सामूहिक उद्यापन के लिए आमंत्रण देने पहुंची महिलाएं भगवान की भक्ति में झूमते हुए।

श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड़ द्वारा हरतालिका तीज पर इस बार आयोजित होने वाले सामूहिक उद्यापन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। आज बोहरा गणेश जी को प्रथम निमंत्रण देकर कार्यक्रम की शुरूआत की गई।

.

समाज के अध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली ने बताया कि समाज की और से 26 अगस्त की रात समाज की महिलाएं चार पहर की पूजा कर शिव-पार्वती की आराधना करेंगी। उन्होंने बताया कि यह व्रत अपनी कठिन साधना के लिए जाना जाता है। जिसमें महिलाएं 24 घंटे तक निर्जल रहकर शिव-पार्वती से अखंड सुहाग की कामना करती है।

कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष श्रीमाली के नेतृत्व में बोहरा गणेश जी को प्रथम निमंत्रण देने के दौरान बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं और पदाधिकारी मौजूद रहे।

महिलाएं ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए बोहरा गणेश मंदिर पहुंचे। यहां गणेश जी के चरणों में निमंत्रण पत्र अर्पित कर उद्यापन के सफल और निर्विघ्न पूर्ण होने की कामना की।

बोहरा गणेश जी मंदिर में जुटे श्रीमाली समाज के पदाधिकारी

बोहरा गणेश जी मंदिर में जुटे श्रीमाली समाज के पदाधिकारी

इस बार 58 महिलाएं उद्यापन कर रही हैं, और प्रत्येक उद्यापन करने वाली महिला के साथ 16-16 गौरनियां होंगी। इस परंपरा के तहत करीब 1000 महिलाएं सामूहिक रूप से व्रत का पालन करेंगी। आयोजन समिति ने बताया कि 26 अगस्त की रात्रि को चार पहर की विशेष पूजा होगी, जिसमें महिलाएं पारंपरिक विधि-विधान से शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगी।

समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि इस सामूहिक उद्यापन का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था और परंपरा को जीवित रखना है, बल्कि समाज की महिलाओं को एकजुट कर सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन भी करना है।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading