बैंक में बैठे कर्मचारियों ने फर्जी फर्मों के नाम, पते और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सैकड़ों खाते खुलवाए, फिर इन खातों को साइबर ठगों को बेचकर कमीशन कमाया। ठगों ने इन खातों का इस्तेमाल बैटिंग, गेमिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर 500 करोड़ से अधिक के लेनदेन
अलवर पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 बैंककर्मियों और एक मास्टरमाइंड सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऐसे मामले में पुलिस ने पहली बार बैंकिंग कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी कर्मचारी एक ही बैंक के हैं। इस मामले में अब तक कुल 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

मास्टरमाइंड वरुण पटवा के पास से 2 लाख नकद, लैपटॉप, मोबाइल, कई सिम कार्ड, चेक बुक, ATM कार्ड और APK फाइल के कुछ सबूत मिले है।
अब 4 पॉइंट में समझिए पूरा मामला…
1. साइबर ठगों को खाते बेचकर कमीशन वसूला एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत अलवर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। वैशाली नगर में म्यूल अकाउंट के दर्ज केस में अब तक 16 अपराधी गिरफ्तार किए हैं। इनमें 6 बैंक के कर्मचारी और अधिकारी हैं। सरगना वरुण पटवा उर्फ ‘UD’ है। म्यूल अकाउंट के रीडर्स उसे ‘UD’ के नाम से जानते हैं।
वरुण के पास से 2 लाख नकद, लैपटॉप, मोबाइल, कई सिम कार्ड, चेक बुक, ATM कार्ड और APK फाइल के कुछ सबूत मिले हैं। APK फाइल अकाउंट का एक्सेस लेने के काम आती है। वहीं पेआउट के भी सबूत मिले हैं। इसमें म्यूल अकाउंट के जरिए कमीशन के रूप में अलग-अलग खाता धारकों को पैसा ड्रिस्टीब्यूट किया जाता था।
इसके अलावा जांच में सामने आया कि बैंक के अंदर बैठे कर्मचारियों ने फर्जी फर्मों के नाम, पते, टर्नओवर और दस्तावेजों का सहारा लेकर सैकड़ों खाते खुलवाए। इन खातों को ठगी के गिरोहों को बेचकर कमीशन वसूला गया।
2. खातों के जरिए वसूली और लेन-देन एसपी ने बताया- इन खातों के जरिए बैटिंग, गेमिंग और ऑनलाइन निवेश जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों से वसूली गई रकम ट्रांसफर की गई। खातों में भारी लेन-देन के बाद रकम फ्रीज होने से पहले ही निकाल ली जाती थी। इस तरह बैंक कर्मियों की संलिप्तता ने पूरे नेटवर्क को वैधता और सुरक्षा प्रदान की।
3. खातों में 500 करोड़ से ज्यादा का लेन-देन एसपी सुधीर चौधरी ने कहा- गिरफ्तार आरोपियों से प्राप्त खातों की जांच में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा के लेन-देन का खुलासा हुआ। इन खातों से जुड़े मामलों में एनसीआरपी पोर्टल पर 4 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस ने कार्रवाई में करीब 5 लाख रुपए फ्रीज किए और 2.51 लाख रुपए नकद जब्त किए।
पुलिस ने हरियाणा निवासी आंचल को गिरफ्तार किया है। उसने पैसे लेकर फर्जी अकाउंट खुलवाए। वहीं म्यूल अकाउंट की कंप्लेन होने पर उस फ्रिज अकाउंट को अनफ्रिज करवाने में मिलीभगत की। साथ ही म्यूल अकाउंट्स के सरगनाओं को यह जानकारी देते हुए उन्हें सहयोग किया।
एसपी ने बताया- पुलिस ने ऐसे मामले में पहली बार बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी कर्मचारी एक ही बैंक के हैं। इन आरोपियों ने बैंक के नियमों को बाइपास किया। जब पहली बार ये अकाउंट खोले गए तो उनका वेरिफिकेशन भी नहीं किया।
4. एक खाते से अकेले 41 करोड़ रुपए की ठगी साइक्लोन सेल अलवर की जांच में एक खाते से अकेले 41 करोड़ रुपए की ठगी की पुष्टि हुई, जिसमें 101 शिकायतें दर्ज पाई गईं। इसी कड़ी में बैंक कर्मियों की भूमिका ने मामले को और गंभीर बना दिया। आरोपियों द्वारा खोले गए खातों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क संगठित रूप से संचालित हुआ।

पुलिस ने इन 6 लोगों को किया गिरफ्तार एसपी ने बताया- मास्टरमाइंड वरुण पटवा (40) पुत्र अशोक कुमार पटवा निवासी रामेश्वरम हनुमान नगर, उदयपुर हाल किराएदार सेक्टर-19, गुरुग्राम (हरियाणा), सतीश कुमार (35) पुत्र रामकला निवासी सूरेवाला, हिसार (हरियाणा), एक्सिस बैंक बूढ़ाखेड़ा, हिसार (हरियाणा) में सेल्स ऑफिसर आंचल (24) पुत्री महावीर सिंह निवासी सूरेवाला, जिला हिसार (हरियाणा), साहिल (33) पुत्र रमेश कुमार निवासी नरवाना, जिला जींद (हरियाणा), गुलशन (33) पुत्र सतपाल निवासी अग्रसेन नगर, नरवाना, जिला जींद (हरियाणा) और आसु शर्मा (23) पुत्र सुरेश निवासी कापरो, जिला हिसार (हरियाणा) हाल सेल्स ऑफिसर, एक्सिस बैंक, बरवाला, हिसार (हरियाणा) को गिरफ्तार किया है।
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