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जालोर नगर परिषद में कनिष्ठ सहायक समेत कुल 6 पदों पर नियम खिलाफ नियुक्तियां पाने के प्रयास में निकाय कर्मचारियों पर सवाल उठ रहे है। शिकायत के बाद नगर परिषद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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मामले में पूर्व पार्षद और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक लक्ष्मण सिंह सांखला ने जालोर नगर परिषद में 6 पदों पर नियुक्तियों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

वहीं नगर परिषद आयुक्त दिलीप माथुर का कहना है कि हमने विभागीय स्तर पर संबंधित के खिलाफ थाने में रिपोर्ट पेश कर दी थी। किसी को भी नियुक्ति नहीं दी गई थी।

13 शिकायतें की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई पूर्व पार्षद सांखला ने बताया कि कुल 13 शिकायतें डीडीआर को की गई, लेकिन मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। प्रक्रिया में नगर परिषद आयुक्त और स्वायत्त शासन विभाग को दस्तावेजों के साथ तथ्यात्मक शिकायत की गई थी। फर्जीवाड़े से नियुक्ति का आरोप यह मामला जून 2025 को उस समय चर्चा में आया था जब प्रकरण में एक विभागीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और उसमें कनिष्ठ सहायक के 5 और कंप्यूटर ऑपरेट के पद पर 1 कार्मिक की नियुक्ति का जिक्र था। मामले में पार्षदों ने शिकायत की तो फर्जीवाड़े से नियुक्ति की जानकारी सामने आई। इस प्रकरण में अब तक किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।

‘अब तक कार्रवाई क्यो नहीं हुई’ पूर्व पार्षद सांखला ने आरोप लगाया कि जालोर नगर परिषद में 6 नियुक्तियां फर्जी तरीके से की गई। जिसके संबंध में लगातार शिकायतों के बाद कार्रवाई नहीं की गई। यहां 25 जून 2025 को निदेशालय स्वायत्त शासन विभाग जयपुर के लेटर के आधार पर 6 नियुक्तियां के आदेश नगर परिषद के संस्थापन क्लर्क ने जारी किए। नगर परिषद आयुक्त ने शिकायत के बाद इस लेटर को फर्जी बताकर पल्ला झाड़ दिया था। सांखला ने बताया कि यदि फर्जीवाड़ा हुआ तो इनके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

‘निर्देश की पालना के विपरीत फर्जीवाड़ा किया’ 28 मार्च 2022 के विभागीय निर्देश के अनुसार निकाय क्षेत्र में ऐसे किसी भी कार्मिक को नियमित किया जा सकता है, जो लगातार 7 वर्ष से संबंधित कार्य में लगातार कार्य कर रहा हो। इस निर्देश की पालना के विपरीत फर्जीवाड़ा किया गया। इस निर्देशों को दरकिनार करते हुए नगर परिषद के संस्थापन के क्लर्क ने गलत तरीके से लेटर को डिस्पैच किया और नियुक्ति पत्र जारी किया।

‘फर्जी लेटर जारी किया’ विभागीय दस्तावेज का हवाला देते हुए सांखला ने बताया कि 14 नवंबर 2024 को स्क्रीनिंग कमेटी का हवाला देते हुए यह नियुक्ति पत्र जारी किया गया। यह लेटर संस्थापन शाखा से क्लर्क से डीडीआर की गैर मौजूदगी में जारी किया गया है,जबकि इस तरह से संस्थापन शाखा से लेटर जारी नहीं किया जा सकता।

इधर मामले में नगर परिषद आयुक्त दिलीप माथुर का कहना है कि- यह लेटर वायरल हुआ था। हमारे पास किसी तरह का लेटर नहीं आया था। हमने विभागीय स्तर पर संबंधित के खिलाफ थाने में रिपोर्ट पेश कर दी थी। किसी को भी नियुक्ति नहीं दी गई थी।



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