ऑनलाइन गेम में एक लाख रुपए हारने के बाद युवक ने खुद के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली। युवक ने जंगल में जाकर पिता को फोन किया और एक लाख रुपए मांगे। पुलिस ने 2 घंटे में युवक को दस्तयाब कर लिया। मामला भरतपुर के नदबई थाना क्षेत्र की है।
थाना प्रभारी बृजेंद्र सिंह ने बताया-मंगलवार रात 8 बजे गांव ककराली मंदिर बरौलीरान निवासी राजेंद्र बंजारा ने थाना में रिपोर्ट दी। जिसमें बताया उनका बेटा पवन कुमार का फोन आया है। पवन ने बताया कि कुछ बदमाशों ने उसको अगवा कर लिया है। फोन पर पवन ने कहा-“मुझे अगवा कर लिया गया है, एक लाख नहीं दिए तो मार देंगे”
जंगल में पुलिस को देखकर की भागने की कोशिश थाना प्रभारी ने बताया-पिता की रिपोर्ट पर हेड कॉन्स्टेबल सत्येंद्र कुमार और उनकी टीम ने केस की जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। इस पर मोबाइल की आखिरी लोकेशन गांव चिडरऊआ के पास घने जंगल में मिली। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रात 10 बजे एक युवक पुलिस को देखकर जंगल के अंदर भागने लगा। पुलिस ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में युवक की पहचान पवन कुमार (22) पुत्र राजेंद्र के रूप में हुई।
सख्ती से पूछताछ में टूटा पवन, कबूली साजिश की सच्चाई पुलिस जब पवन को थाने लेकर आई और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने झूठी अपहरण योजना की पूरी कहानी उजागर कर दी। पवन ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन गेमिंग का आदी हो गया था। धीरे-धीरे वह लाखों रुपए हार गया और उसके ऊपर कर्ज का बोझ बढ़ गया।

बदनामी के डर से रची खुद के अपहरण की योजना थाना प्रभारी ने बताया-पवन ने स्वीकार किया कि समाज में बदनामी और पिता की नाराजगी के डर से उसने खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रची। उसका मकसद केवल इतना था कि पिता से एक लाख रुपए लेकर कर्ज चुका सके और अपहरण का डर दिखाकर उन्हें मजबूर कर दे।
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