पिलानी थाना क्षेत्र के डुलानिया में शनिवार 16 अगस्त की शाम मिले शव की पहचान गांव के ही मनोज कुमार तानानिया उर्फ मंगतू (50) के रूप में हुई। जिस दिन मनोज का शव मिला, उसी दिन उसकी बेटी की शादी हुई थी।
मनोज 5 दिन से लापता था। मनोज 10 अगस्त को पत्नी माया के साथ अपने ससुराल बगड़ भात न्यौतने करने गया था। इसके अगले दिन 11 अगस्त को सुबह 4 बजे से वह लापता था। मनोज की काफी तलाश के बाद भी वह नहीं मिला तो 13 अगस्त को पिलानी थाने में गुमशुदगी दी गई। पिता के लापता होने के कारण 16 अगस्त को बेटी की शादी परिवार ने सादगी के साथ की थी।

रविवार शाम 7 बजे मनोज का अंतिम संस्कार किया गया।
घूमने जाते थे तो लापता होने की बात सोची नहीं-परिजन
परिजनों ने बताया-मनोज रोजाना सुबह 4 बजे घर से खेतों की ओर घूमने जाता था। दिनचर्या के हिसाब से घूमने के लिए घर से निकले मनोज के लापता होने के बारे में घरवालों ने कभी सोचा भी नहीं था। परिजनों ने 2 दिन तक अपने स्तर पर सब जगह ढूंढने के बाद 13 अगस्त को पुलिस को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी।
शनिवार को मिला था शव
बता दें…शनिवार देर शाम को डुलानिया गांव के जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) के पास खुले मैदान में एक गड़रिया बकरियां चराने गया था। इस दौरान तेज दुर्गंध आने पर गड़रिये ने तलाश की तो झाड़ियों के पास बुरी तरह सड़ चुका शव मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे पिलानी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया था
रविवार को परिवार ने मॉर्चुरी में मृतक के कपड़ों व गले में पहने ताबीज से उसकी शिनाख्त की, जिसके बाद पंचायत समिति सदस्य शीशराम की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। बाद में शाम 7 बजे गांव के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया।
मनोज गांव में ही रह कर खेती का काम करता था। परिवार में पत्नी, 2 बेटियां और 1 बेटा है। बेटा भी पिता के साथ खेतीबाड़ी का ही काम करता था।
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