![]()
मिनी सचिवालय में चल रहा किसानों का महापड़ाव दो घंटे की वार्ता के बाद स्थगित हो गया है।
झालावाड़ के मिनी सचिवालय में चल रहा किसानों का महापड़ाव दो घंटे की वार्ता के बाद स्थगित हो गया है। कोटा संभागीय आयुक्त पीयूष सामरिया ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया है। दो दिन के धरना-प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर अजय
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर ने लिखित आश्वासन मिलने के बाद महापड़ाव समाप्ति की घोषणा की। मुख्यमंत्री से मिलने के लिए किसान संघ के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जयपुर जाएगा। किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साईं रेड्डी ने कहा कि वार्ता के परिणाम के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस दौरान एसपी अमित बुडानिया, एडीएम अभिषेक सिंह चारण, एसडीएम श्रद्धा गोमे और तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों की कुल 51 मांगें हैं।
2 घंटे चली वार्ता सकारात्मक मिनी सचिवालय सभागार में जिला प्रशासन और संभागीय आयुक्त की किसानों के प्रतिनिधिमंडल से हुई चर्चा के बाद बाहर आकर महापड़ाव खत्म किया। जबकि दिनभर चले घटनाक्रम के अनुसार दो बार किसानों के साथ जिला कलेक्टर की वार्ता हुई, लेकिन असफल रही थी।
समझौता नहीं होता तो क्या होता किसान संघ के महापड़ाव में समझौता होने पर आखिरकार सरकार और जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है, लेकिन किसान नेताओं ने यह भी बता दिया कि अगर उनसे समय पर बात नहीं हुई तो अन्य जिलों से किसान झालावाड़ पहुंचना शुरू हो गए हैं। ऐसे में सुलह और समझौते के रास्ते खत्म कर बड़ा आंदोलन किया जाना है।
एडीएम चारण पूरे महापड़ाव में बने रहे रामदूत 2 दिन चले किसानों के इस महापड़ाव को स्थगित कराने में जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि रहे एडीएम अभिषेक चारण की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। चारण पूरे आंदोलन में प्रतिनिधि के रूप में दिन में कई बार जिला कलेक्टर के आदेश पर अपनी सीट छोड़कर किसानों से को-ऑर्डिनेट करते रहे। किसान संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर ने भी उनके इस कार्य की महापड़ाव की सभा के दौरान प्रशंसा की थी, लेकिन किसानों के बीच मौजूद चारण ने इतना ही कहा कि सारे काम रामजी ने किए वह तो केवल हनुमान बने हैं।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments