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उठेल और कानगढ़ ग्राम पंचायत के किसानों ने हाल ही में हुई अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार दलोट को सौंपा।

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ट्रैक्टर और बाइक रैली निकाली

इस अवसर पर किसानों ने ट्रैक्टर और बाइक रैली भी निकाली। रैली कानगढ़ पंचायत मुख्यालय से शुरू हुई। यह उठेल पंचायत परिसर में सभा के रूप में परिवर्तित हुई। वहां किसानों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। इसके बाद वे दलोट मुख्य मार्ग से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शन किया और तहसीलदार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में किसानों ने कई मांगें रखीं। उन्होंने फसल खराबी के सत्यापन के लिए तत्काल टीम बनाकर गिरदावरी करवाने की मांग की। सहकारी समितियों और अन्य बैंकों से लिए गए फसली ऋण माफ करने की मांग भी की गई। खेत लीज पर लेकर खेती कर रहे किसानों को भी समान रूप से मुआवजा देने की मांग रखी गई।

शिकायत दर्ज कराने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया

किसानों ने टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने में आ रही कठिनाइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने मांग की है कि सरकार की ओर से प्रत्येक पंचायत स्तर पर बीमा कंपनी का प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से तैनात किया जाए। इससे किसानों को समय पर राहत मिल सकेगी। दोनों पंचायतों में विशेष सर्वे कराने की भी मांग की गई। किसानों का कहना था कि इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बारिश और नुकसान दर्ज हुआ है।

रैली और ज्ञापन सौंपने के दौरान अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें नंदलाल मीणा, लेम्प्स अध्यक्ष नंदलाल मीणा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट रमेश निनामा शामिल थे। शंकर कटारा, पूर्व सरपंच अंबालाल मीणा, रामलाल मीणा, किशन भगत और मदन (वार्ड पंच) सहित बड़ी संख्या में किसान भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।



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