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अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में जिले भर से किसान शामिल हुए।
चूरू में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट के सामने हजारों किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में जिले भर से किसान शामिल हुए। सुजानगढ़ तहसील से कई किसान पैदल चलकर धरनास्थल तक पहुंचे।
सांसद राहुल कस्वां की अगुवाई में किसानों ने 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। प्रमुख मांगों में खरीफ 2025 की फसलों के बकाया बीमा क्लेम का भुगतान शामिल है। किसान फसल कटाई प्रयोगों में पारदर्शिता चाहते हैं। वे मूंग-मोठ के खराब दानों को क्रॉप कटिंग रिपोर्ट से बाहर रखने की मांग कर रहे हैं।
ट्यूबवेल किसानों को 6 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग भी प्रमुख है। अतिवृष्टि और गोजालट से नष्ट फसलों की विशेष गिरदावरी की जानी चाहिए। खरीफ 2021 और 2022 के लंबित बीमा क्लेम तुरंत जारी किए जाएं। खरीफ 2023 के क्लेम में सेटेलाइट डेटा की बजाय क्रॉप कटिंग रिपोर्ट को आधार बनाया जाए।
किसानों ने बिजली के स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने की मांग की है। हाईटेंशन लाइन के नीचे की भूमि का बाजार भाव से चार गुना मुआवजा दिया जाए। सालासर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की भी मांग की गई है। धरने में तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानिया, रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा और सादुलपुर विधायक मनोज न्यांगली मौजूद रहे। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रफीक मंडेलिया और एडवोकेट निर्मल प्रजापत भी शामिल हुए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
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