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ग्राम पंचायत के अटल सेवा केन्द्र पर राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत प्राकृतिक खेती की जागरुकता के लिए किसान संगोष्ठी हुई। इसमें किसानों को रासायनिक खेती उपयोग कम कर प्राकृतिक खेती को बढ़ाने पर जोर दिया।
कृषि पर्यवेक्षक अभिषेक ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन(एनएमएनएफ) के तहत प्राकृतिक खेती कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत जैव उर्वरक एवं प्राकृतिक खेती खेती को बढ़ावा देने हेतु जैव उर्वरक व आदानों पर अनुदान दिया जाएगा। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती सिखाईं जाएंगी ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़े सके तथा पानी जहरीला होने से बच सके। साथ ही मनुष्य को शुद्ध प्राकृतिक भोजन उपलब्ध हो सके और पर्यावरण भी शुद्ध हो सकें तथा विभिन्न प्रकार की बीमारियों से भी छुटकारा मिल सके। किसानों के पास उपलब्ध साधनों जैसे जंगली पौधे, गौ मूत्र, खरपतवार, गोबर, छाछ, नीम पत्ती, आक, धतूरा पार्थेनियम घास, खेती के अपशिष्ट पदार्थ आदि से घर पर ही बनाना सिखाया जाएगा।
जैविक तरीके से कीट नाशक दवा, रोग नियंत्रण दवा, फफूंद नाशक दवा, जैविक उर्वरक आदि जैसे बीजामृत, जीवामृत, दसपर्णी अर्क, धनामृत, वर्मी कंपोस्ट खाद, हरि खाद, सुपर कम्पोस्ट, आदि घर पर ही बनाने का तरीका सिखाया। ताकि किसानों को कीट व रोग नियंत्रण तथा पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध हो सके। अनावश्यक हो रहे कीटनाशक, खरपतवार नाशक, तथा रासायनिक उर्वरकों के खर्चे से बच सके। और मनुष्य तथा पशु बीमारियों से बच सकें तथा भूमि भी खराब होने से बच सकेगी। शिविर में कुलदीप मीना, महेश शर्मा, धर्म सिंह मीना, पुखराज मीना, सुरजीत मीना, गुड्डू मीना, केदार मीना, रामोतार मीना, हरी मीना, प्यारे लाल सैनी, अशोक शर्मा आदि किसान मौजूद रहे।
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