स्टूडेंट्स को संबोधित करके वक्ता।
काजरी स्थित भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित परियोजना ईआईएसीपी एवं इंडियन नेशनल कार्टोग्राफिक एसोसिएशन(इनका) के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के जन्म दिव
काजरी संस्थान के निदेशक डॉ. सुमंत व्यास एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियब्रत सांतरा के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर ईआईएसीपी के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पीसी. महाराणा ने अपने व्याख्यान में डॉ. साराभाई की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा देश के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में रहते हुए जो कार्य किये गए जिसने दुनिया में भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है।

कार्यक्रम में उपस्थित स्टूडेंट्स।
सीखी नई तकनीक
डॉ. महाराणा ने लक्की बाल निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सुदूर संवेदन, भू-सूचना प्रणाली और टोपोशीट की विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने सुदूर सवेदन, भू-सूचना प्रणाली और टोपोशीट के बारे में अपने विचार प्रकट किये एवं नयी तकनीक सीखी। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. मनोज परिहार, ईआईएसीपी के अधिकारी, लक्की बाल निकेतन स्कूल के अध्यापक अल्का, लोनिका बाना, गिरीश पूरी, शक्ति सिंह एवं विद्यार्थियों सहित कुल 125 प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. मयूर भाटी, सोनाली एवं अविनाश ने किया।
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