![]()
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में टीचर्स फेकल्टी (डॉक्टर्स) का धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ग्रुप-2 के डॉक्टर्स को सीधे फेकल्टी मेम्बर्स लगाने, बायोमेट्रिक हाजिरी से सैलरी बनाने का विरोध जताया। पदाधिकारियों ने बताया- ने
राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (आरएमसीटीए) की ओर से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण जोशी ने पक्ष रखते हुए बताया- NMC ने जो ग्रुप-2 का नोटिफिकेशन जारी किया है, उसमें असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के लिए योग्यता निर्धारित की है। उनकी नियुक्ति का आदेश जारी नहीं किया है।
अगर इसी तरह सीधी भर्ती करनी है तो फिर क्यों आरपीएससी के जरिए एग्जाम करवाकर असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसर या प्रोफेसर पदों पर भर्ती होती है। अगर सरकार को सीधे तौर पर एसोसिएट प्रोफेसर मेडिकल कॉलेजों में लगाने हैं तो उसके लिए सर्विस रूल्स और आरपीएससी के नियमों में संशोधन करें।
बायोमेट्रिक से हाजिरी का उदेश्य डुप्लीकेसी को रोकना
डॉक्टर जोशी ने बताया- NMC ने जो बायोमेट्रिक (आधार बेस) हाजिरी का नोटिफिकेशन फेकल्टी मेम्बर्स (मेडिकल कॉलेज टीचर्स) के लिए जारी किया है, वह डुप्लीकेसी को रोकने के लिए है। कई फेकल्टी मेम्बर्स अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में सर्विस दे रहे हैं। जो एनएमएसी के नियमों के खिलाफ है। इसे रोकने के लिए एनएमसी ने ये नोटिफिकेशन जारी किया।
लेकिन सरकार ने इस नोटिफिकेशन को फेकल्टी मेम्बर्स की सैलरी से जोड़ दिया। अगर किसी मेम्बर का टाइमिंग 8 घंटे नहीं होता है ताे उसकी डायरेक्ट सैलरी में कटौती की जाएगी। जो बिल्कुल गलत है। अगर ऐसा ही सरकार को करना है तो दूसरे सर्विस के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भी ये नियम लागू किए जाए। सचिवालय, पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों में भी इस नियम को क्यों लागू नहीं किया जाता?
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments