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हनुमानगढ़ में धाणका समाज ने कलेक्ट्रेट के सामने थाली-चम्मच और पीपे बजाकर प्रदर्शन किया।
हनुमानगढ़ में धाणका समाज जनजाति संघर्ष समिति का बेमियादी धरना और क्रमिक अनशन मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। समिति के सदस्यों ने जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने थाली-चम्मच और पीपे बजाकर प्रदर्शन किया।
धरने पर रवि कुमार, अशोक कुमार, सतपाल धानका, रिंकू धानका, विजय धानका, जरनैल सिंह, संदीप धानका, प्रदीप लुगरिया और विजय कुमार मौजूद रहे। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि 18 सितंबर 1976 की गजट अधिसूचना में धानका का हिंदी रूपांतरण गलत तरीके से धाणका कर दिया गया।
उनका कहना है कि इस त्रुटि के कारण समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी हो रही है। धाणका जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने के बावजूद स्थानीय प्रशासन जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं कर रहा है।
समाज के लोग शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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