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बिना मान्यता के माही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर चलाने और फिर अभ्यर्थियों को आंध्रप्रदेश से फर्जी डिग्रियां दिलवाने का खुलासा हुआ है। आनंदपुरी पुलिस ने परतापुर में संचालित इस ट्रेनिंग सेंटर के संचालक डूंगरपुर के निठाउवा निवासी नरेंद्र पंड्या को गिरफ्तार किय
इस संबंध में आनंदपुरी के भुखिया निवासी सीता सिंगाड़ा ने आनंदपुरी जेएम कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था। इसमें बताया था कि भुखिया स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता के पद के लिए बाल विकास परियोजना कार्यालय आनंदपुरी द्वारा भर्ती की गई थी। इस भर्ती में उसने भी आवेदन किया था। इसमें चयन अंजना नामक अभ्यर्थी का हुआ। अंजना ने आंध्रप्रदेश से जारी एएनएम की फर्जी डिग्री का प्रयोग कर नियुक्ति प्राप्त की थी। इस पर आनंदपुरी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
थानाधिकारी कपिल पाटीदार ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर इस भर्ती में ग्रेडिंग के आधार पर चयन हुआ था। इसमें अंजना को सर्वाधिक 11 अंक और सीता को 8 अंक मिले थे। अंजना ने विशेष योग्यता के तौर पर एएनएम की डिग्री प्रस्तुत की थी। उसे इस डिग्री के लिए 3 अंक अतिरिक्त मिले, इससे उसके 11 अंक हो गए। पुलिस ने टीम भेजकर जॉइंट डायरेक्टर, कमिश्नर ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर अमरावती (आंध्रप्रदेश) से अंजना की एएनएम (हेल्थ वर्कर) की डिग्री का सत्यापन करवाया। जांच में अंजना की डिग्री फर्जी होना पाया गया। इस पर एक महीने पहले अंजना को गिरफ्तार किया गया था।
अंजना की फर्जी डिग्री के खुलासे पर जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने यह डिग्री पूर्व में परतापुर कस्बे में संचालित माही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर से हासिल की थी। उसने इस सेंटर में एडमिशन लेकर ट्रेनिंग ली थी। इस सेंटर को नरेंद्र पंड्या और चिराग पंचाल संचालित करते थे। सेंटर संचालकों ने अंजना को आंध्रप्रदेश में परीक्षा दिलवाकर हेल्थ वर्कर की डिग्री उपलब्ध कराई थी।
अंजना ने ट्रेनिंग और डिग्री के लिए 70 हजार रुपए नरेंद्र पंड्या को देना कबूला। इस पर पुलिस ने इस ट्रेनिंग सेंटर के रजिस्ट्रेशन के संबंध में रजिस्ट्रार राजस्थान नर्सिंग काउंसिल से जानकारी ली तो सेंटर बिना मान्यता के संचालित होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने नरेंद्र पंड्या को डिटेन कर पूछताछ की तो अंजना से 45 हजार रुपए लेकर ट्रेनिंग करवाना और डिग्री दिलवाना कबूल लिया। इस पर पुलिस ने नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
नरेंद्र पंड्या और अंजना से शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2021-22 में बस भरकर युवतियों को परीक्षा दिलवाने के लिए आंध्रप्रदेश ले गए थे। ऐसे में आशंका है कि कई युवतियों को फर्जी डिग्रियां उपलब्ध करवाई हैं।
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